दक्षिण दिल्ली इलाके के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 और लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में अब तक कुल 3 गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और उनका बेटा महेश गुप्ता शामिल है. मिली जानकारी के मुताबिक, हरिराम गुप्ता के नाम पर बिजली कनेक्शन था, बेटा महेश बिल्डिंग का मैनेजमेंट देखता था और प्रोपर्टी ऑन पेपर हरिराम की पत्नी उर्मिला के नाम थी. सभी आरोपियों को भिवाड़ी से ही गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बिल्डिंग के बेसमेंट में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था और इसी दौरान इमारत गिर गई. निर्माण कार्य में मजदूर भी लगे हुए थे और उनके बयानों से भी इसकी पुष्टि हुई है.
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12 लोगों को किया गया रेस्क्यू, 7 की मौत
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन कल दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुआ था, जो आज शाम 5 बजे समाप्त हुआ. इस दौरान कुल 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया। इनमें से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि घायलों का इलाज कराया जा रहा है. हादसे में जान गंवाने वालों में सोनभद्र, उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र अभिषेक, दुर्ग, छत्तीसगढ़ के 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी, औरैया, उत्तर प्रदेश के 17 वर्षीय छात्र पवन, देवास, मध्य प्रदेश के 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज, कटनी, मध्य प्रदेश के 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं. एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है.
वहीं घायलों में 30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नितीश चिब और 18 वर्षीय मोहम्मद अयान शामिल हैं. इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई गई है.
बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता पहले ही हो चुके थे गिरफ्तार
पुलिस ने हादसे के बाद बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया था. घटना के बाद से दिल्ली पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. पुलिस ने पालम विहार स्थित उनके आवास पर भी छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां नहीं मिले थे. इसके बाद पुलिस को आशंका थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए हरिराम किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपे हुए हैं. पुलिस ने उनके करीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी दबिश दी थी.
MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद कार्रवाई करते हुए MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
LG की बैठक के बाद क्या बोले मंत्री आशीष सूद?
हादसे को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल ने बैठक की थी. बैठक के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राजधानी दिल्ली में पढ़ाई के लिए आने वाले लाखों छात्रों के लिए रेजिडेंशियल सुविधाओं का गैप है. उन्होंने कहा कि इस गैप को दूर करने के लिए FAR में अतिरिक्त छूट देने पर काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कोचिंग संस्थान और PG चलते हैं, वहां की इमारतों को सभी विभाग मिलकर चेक करेंगे और तय समय सीमा में इस पूरी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा.
आशीष सूद ने मौजूदा हॉस्टल को फ्री डेवलप करने के लिए FAR में नई बढ़ोतरी के साथ उपलब्ध कराने और PG व संस्थानों को रेगुलर करने जैसे मुद्दों पर भी सभी विभागों के साथ चर्चा की बात कही. उन्होंने कहा कि इन फैसलों को लागू करने का काम दिल्ली सरकार के विभाग करेंगे.
दिल्ली हाईकोर्ट में भी हुई सुनवाई
सत्य निकेतन में PG हॉस्टल के तौर पर चल रही दो इमारतों के गिरने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल PIL पर भी सुनवाई हुई. कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी और NHRC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र और MCD की ओर से पेश होंगे. कोर्ट ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. मामले में अगली सुनवाई 25 तारीख को होगी.
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