Satya Niketan Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में शिव मंदिर के पास दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. बिल्डिंग गिरते ही आसपास के इलाके में भारी धूल का गुबार फैल गया और लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग मलबे के ढेर में तब्दील हो गई और आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे.
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हादसे का शिकार हुई यह इमारत आनंद बंसल की है और इसमें एक पीजी चल रहा था. चूंकि यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के बेहद करीब है, इसलिए यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं. चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के वक्त अंदर 20 से 30 बच्चे या अन्य लोग मौजूद हो सकते हैं. हालांकि, छात्रों के फंसे होने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
मलबे के नीचे से आ रही हैं मदद की कॉल
मौके पर पहुंचे आरके पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि मलबे के नीचे फंसे कुछ लोग फोन करके मदद मांग रहे हैं. अब तक रेस्क्यू टीम ने चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. स्थानीय नागरिक भी बचाव दल के साथ मिलकर तेजी से मलबा हटाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अंदर दबे लोगों को जल्द से जल्द निकाला जा सके.
राहत कार्य में जुटीं 12 दमकल गाड़ियां और कई एजेंसियां
सूचना मिलते ही दमकल की 12 गाड़ियां, पुलिस, एमसीडी, डीडीएमए, एनडीआरएफ, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बचाना है. सुरक्षा के लिहाज से पास की इमारत को भी खाली करा लिया गया है और सभी एजेंसियां आपस में समन्वय बनाकर काम कर रही हैं.
छात्र संगठन NSUI ने जताई गहरी चिंता
छात्र संगठन NSUI ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना पर दुख व्यक्त किया. संगठन ने प्रशासन से राहत अभियान में तेजी लाने, हादसे की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी गति से जारी है और मलबा हटने के बाद ही अंदर फंसे कुल लोगों का सटीक आंकड़ा सामने आ पाएगा.
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