सत्यनिकेतन हादसे के बाद CJP ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी, सामने रखीं 7 मांगें, 48 घंटे का दिया अल्टीमेटम

न्यूज तक डेस्क

• 03:27 PM • 09 Sep 2026

Satyaniketan Pg Building Collapse: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस स्थित सत्यनिकेतन में 5 मंजिला अवैध पीजी इमारत ढहने से 7 छात्रों की मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रेखा सरकार के सामने 7 मांगें रखी हैं और 48 घंटे के भीतर मांगें न मानने पर जंतर-मंतर पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

रेखा सरकार को CJP का 48 घंटे का अल्टीमेटम
रेखा सरकार को CJP का 48 घंटे का अल्टीमेटम
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Cockroach Janta Party on Satyaniketan Pg Collapse: देश की राजधानी दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस स्थित सत्यनिकेतन इलाके में 5 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत ढहने से हड़कंप मच गया था. इस भीषण हादसे में अब तक 7 छात्रों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं. इस दर्दनाक हादसे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रेखा सरकार और नगर निगम (MCD) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.  CJP ने सरकार के सामने अब 7 सूत्री मांगें रखी हैं. क्या हैं ये मांगे चलिए जानते हैं.

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सत्यनिकेतन में कैसे हुआ हादसा?

सत्यनिकेतन हादसे के चश्मदीदों के मुताबिक, 5 मंजिला इस पीजी इमारत के बेसमेंट में अवैध रूप से खुदाई (एक्सकवेशन) का काम चल रहा था, जिसके चलते पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. एमसीडी ने भी माना कि यह क्षेत्र हाई ऑक्यूपेंसी पीजी जोन था, लेकिन इमारत का कोई स्वीकृत प्लान नहीं था. CJP के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि हौजरानी और साकेत हादसों के बाद दिल्ली सरकार ने जो 13 जिला स्तरीय कमेटियां बनाई थीं, उनकी इंस्पेक्शन रिपोर्ट को बीच में ही रोक दिया गया. 

CJP की रेखा सरकार से 7 प्रमुख मांगें:

  1. इंडिपेंडेंट क्रिमिनल जांच: पीजी मालिक, एमसीडी अधिकारियों और नेताओं के बीच पनप रहे पीजी माफिया नेक्सस की स्वतंत्र आपराधिक जांच हो.
  2. इंजीनियरिंग ग्रेड स्ट्रक्चरल ऑडिट: दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश में छात्रों के पीजी, हॉस्टल, स्कूल और कोचिंग सेंटरों का टाइम-बाउंड स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए.
  3. 13 जिला कमेटियों की रिपोर्ट सार्वजनिक हो: हौजरानी हादसे के बाद बनी 13 कमेटियों के सर्वे, इंस्पेक्शन रिपोर्ट, नोटिस और कार्यवाहियों का ब्योरा 48 घंटे के भीतर पब्लिश किया जाए.
  4. सार्वजनिक सर्चेबल डेटाबेस: छात्रों की सुरक्षा के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बने, जहां छात्र अपनी बिल्डिंग के सेफ्टी सर्टिफिकेशन्स चेक कर सकें.
  5. सरकारी हॉस्टलों का निर्माण: डीयू में केवल 7000 छात्रों की हॉस्टल क्षमता है, जबकि छात्र लाखों में हैं; इसलिए सरकार नए हॉस्टलों का निर्माण करे.
  6. 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा: मृतक छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये और घायलों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए.
  7. मंत्रस्तरीय जवाबदेही: शहरी विकास, प्लानिंग एवं शिक्षा मंत्री आशीष सूद की जवाबदेही तय की जाए और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो.

मांगें नहीं मानीं तो जंतर-मंतर पर होगा आंदोलन

CJP नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि रेखा सरकार ने अगले 48 घंटों में इन मांगों पर संज्ञान नहीं लिया और ठोस कदम नहीं उठाए, तो युवा और छात्र संगठन फिर से जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे. CJP का कहना है कि प्रशासन और सरकार की लापरवाही के कारण देश के होनहार छात्र अपनी जान गंवा रहे हैं, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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