Saurav Das Delhi High Court case update: दिल्ली हाईकोर्ट में निजता के अधिकार और 2 करोड़ रुपये के हर्जाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बात की. इस दौरान उन्होंने कोर्ट में हुई कानूनी बहस और अपनी याचिका से जुड़ी अहम बातें बताईं. इसके साथ ही उन्होंने CJP की आगे की रणनीति और BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को लेकर भी बातचीत की.
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पहले जानें सौरव दास क्यों गए हाईकोर्ट?
मिली जानकारी के अनुसार सौरव दास का आरोप है कि सोशल मीडिया पर बिना उनकी अनुमति के उनके घर का पता और निजी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई. उनका कहना है कि इससे उनके निजता के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा का उल्लंघन हुआ है. सौरव ने कहा कि घर का पता सार्वजनिक होने के बाद उनके, उनके परिवार और वहां रहने वाले दूसरे लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया. उन्हें डर है कि इससे हिंसा, धमकी या परेशान किए जाने जैसी घटनाएं हो सकती हैं. इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी निजी जानकारी कथित तौर पर सोशल मीडिया पर शेयर होती रही. इसके बाद उन्होंने कुछ राजनीतिक टिप्पणीकारों और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया.
सौरव ने Google LLC और X Corp (पूर्व में Twitter) को भी मामले में प्रतिवादी बनाया है. अपनी याचिका में उन्होंने ऑनलाइन पोस्ट से अपनी निजी जानकारी हटाने और 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है. इसके अलावा उन्होंने अदालत से प्रतिवादियों को उनकी निजी जानकारी आगे प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकने और पहले से मौजूद कंटेंट हटाने के निर्देश देने की भी मांग की है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट में क्या हुआ?
अदालत में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने विवादित कंटेंट के खिलाफ पहले ही स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई कर दी है. इस वजह से फिलहाल किसी अंतरिम निर्देश की जरूरत महसूस नहीं हुई. अदालत ने अब इस मामले की अगली विस्तृत सुनवाई 14 सितंबर को तय की है. सौरव दास ने उम्मीद जताई कि न्यायपालिका नागरिकों की निजता की सुरक्षा करेगी. उन्होंने अपनी कानूनी टीम और वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल का आभार जताया.
BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा पर तीखे सवाल
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के पद से न हटने के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने इसे तानाशाही रवैया करार दिया. उन्होंने कहा कि महज चुनाव जीत जाने से कोई भी व्यक्ति जवाबदेही से ऊपर नहीं हो जाता. BCI के सह-अध्यक्ष ने ही चेयरमैन पर करीब 150 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं. जब तक इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक मनन मिश्रा को नैतिक आधार पर तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए. 20-25 समर्थकों को जुटाकर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिशें पूरी तरह बेबुनियाद हैं.
CJP की भावी रणनीति और 'स्कूल ठीक करो' मुहिम पर घमासान
CJP की आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पार्टी की नेशनल वर्किंग कमेटी की ऑनलाइन बैठक बुलाई जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा 25 जुलाई को हुए समझौते की शर्तों और तय समय सीमा का पालन न करने के खिलाफ विरोध की रूपरेखा तैयार की जाएगी.
दूसरी ओर, 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत कार्यकर्ता अभिजीत दीपक और अन्य सहयोगियों पर दर्ज एफआईआर को लेकर सौरव दास ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में देशभर के लगभग 1 लाख सरकारी स्कूलों पर ताले लग चुके हैं. जब युवा देश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सोशल ऑडिट कर रहे हैं, तो सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए एफआईआर जैसी कार्रवाई कर रही है. हालांकि, इन दंडात्मक कदमों से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटने वाला नहीं है.
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