छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर जारी आंदोलन और बयानबाजी के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े सौरभ दास ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है. बीजेपी द्वारा लगाए गए उन आरोपों पर, जिनमें कहा गया था कि आम आदमी पार्टी और उसके नेता छात्रों के प्रदर्शन को हाईजैक कर रहे हैं, सौरभ दास ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेल रही है.
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अगर आम आदमी पार्टी समस्या है तो उसे बैन कर दें
सौरभ दास ने बीजेपी के दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "अगर बीजेपी को लगता है कि आम आदमी पार्टी ही असली समस्या है, तो वे आम आदमी पार्टी को बैन क्यों नहीं कर देते? वे हमें आतंकवादी संगठन ही घोषित कर दें! क्या आज के समय में आम आदमी पार्टी से जुड़ा होना कोई बहुत बड़ा गुनाह हो गया है?"
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार देश के युवाओं को 'दिमागी नक्सल' और 'अर्बन नक्सल' जैसे शब्दों से ब्रांड करके झांसा दे रही है और असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है.
छात्रों के पास जाने के बजाय प्रोपेगैंडा फैला रही सरकार
आंदोलन को हाईजैक करने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन सभी के लिए खुला था. बीजेपी खुद वहां शामिल नहीं हुई. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या नए शिक्षा मंत्री झारखंड जाकर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच क्यों नहीं बैठे? असली लोकतंत्र यही होता कि सरकार युवाओं के बीच जाती और उनकी समस्याएं सुनती, लेकिन सरकार केवल लेबलिंग करने और प्रोपेगैंडा फैलाने में रुचि रखती है.
सौरभ दास ने यह भी मांग की कि अगर सरकार और गृह मंत्री 'दिमागी नक्सलियों' को रोकने में नाकाम रहे हैं, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए.
'स्कूल ठीक करो' कैंपेन की शुरुआत
नीट-यूजी (NEET-UG) री-एग्जाम और देश में शिक्षा व्यवस्था के हालातों पर बात करते हुए सौरभ दास ने बताया कि वे 'स्कूल ठीक करो' अभियान चला रहे हैं, इसके तहत देश भर के युवा खुद स्कूलों में जाकर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों और अन्य समस्याओं को उजागर कर रहे हैं.
प्रदर्शन की अनुमति और वायरल वीडियो पर दी सफाई
दिल्ली पुलिस द्वारा एफिडेविट दिए जाने और परमिशन न होने के दावों पर सौरभ दास ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है. इसके लिए किसी से भीख मांगने या परमिशन की जरूरत नहीं है. पुलिस के साथ कहासुनी के वायरल वीडियो पर उन्होंने कहा कि वह वीडियो इस बात का सबूत है कि प्रदर्शनकारी पूरी तरह से दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग कर रहे थे. जहां भी भीड़ उत्तेजित हो रही थी, उसे वे खुद रोक रहे थे.
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