' मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा...अगर.', सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने रखी 3 शर्तें, अब मार्च का क्या होगा?

न्यूज तक डेस्क

• 08:56 AM • 20 Jul 2026

Sonam Wangchuk Hunger Strike: जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर जारी आंदोलन के बीच सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपने 23 दिन पुराने अनशन को खत्म करने के लिए सरकार के सामने तीन अहम शर्तें रखी हैं. इस बीच 'चलो संसद' मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और कई इलाकों में धारा 163 लागू है. जानिए वांगचुक की तीनों शर्तें और मार्च को लेकर ताजा अपडेट.

Sonam Wangchuk Hunger Strike Update
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नीट पेपर लीक और देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) का आंदोलन अब धीरे-धीरे और उग्र हो गया है. आज सुबह से ही CJP के समर्थन में हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो रहे है और 9 बजे 'चलो संसद' मार्च निकालेंगे. वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि मार्च के लिए कोई भी अनुमति नहीं ली गई है. इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. पिछले 23 दिन से भूख हड़ताल कर रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपना भूख हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया है, लेकिन उन्होंने इसके लिए सरकार के सामने शर्तें रखी है. वांगचुक ने साफ कहा है कि अगर सरकार उनकी तीन शर्तों में से किसी भी एक शर्त को पूरा करती है तो वह भूख हड़ताल तोड़ देंगे.

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सोनम वांगचुक ने क्या रखी 3 शर्तें?

सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को सुबह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से एक पोस्ट करते हुए सरकार के सामने तीन शर्तें रखी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि, 'कई लोगों ने मुझसे पूछा कि आप अपनी भूख हड़ताल कब खत्म करेंगे? मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा...अगर.'

पहली शर्त- अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल में हुए नाकामियों जैसे पेपर लीक आदि की जिम्मेदारी ले लें.

दूसरी शर्त- यदि मैं और CJP का नेतृत्व संसद के दहलीज तक पहुंचते है और वहां अलग-अलग दलों के सांसद और नेता उन्हें यह आश्वासन देते है कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे तो मैं अपनी हड़ताल खत्म कर दूंगा.

तीसरी शर्त- अगर मेरे स्वास्थ्य या किसी और वजह से यह संभव नहीं है तो अलग-अलग दलों के सांसद और नेता अस्पताल पहुंचकर दी गई शर्तों को पूरा करने का भरोसा दिलाएं.  

'आजादी पर पाबंदी'

इसी पोस्ट के अंत में उन्होंने सफदरगंज अस्पताल में अपनी मौजूदगी को स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है. वांगचुक ने लिखा कि वह अस्पताल में अवैध हिरासत का सामना कर रहे हैं क्योंकि उनके अनुसार, अस्पताल के अंदर उनके आवाजाही की आजादी, अभिव्यक्ति और लोगों से बातचीत करने की आजादी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

जंतर-मंतर पर सुरक्षा टाइट, धारा 163 लागू

'चलो संसद' मार्च को देखते हुए जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक सहित आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया गया है. यहां थ्री लेयर सुरक्षा ग्रिड बनाया गया है कि जिसमें दो परतों में दिल्ली पुलिस के जवान और एक परत में पैरामिलिट्री फोर्स शामिल है. साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम 24 घंटे स्टैंडबाय मोड पर हैं. साथ ही डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि मानसून सत्र और प्रदर्शन को देखते हुए धारा 163(पुरानी धारा 144) लागू कर दी गई है. इसके मुताबिक एक साथ पांच या उससे व्यक्तियों का जमा होने, विरोध प्रदर्शन करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. हालांकि पहले से अनुमति के कारण,  सिर्फ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की छूट रहेगी.

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