महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने हाल ही में युवा आंदोलनकारी और कार्यकर्ता अभिजीत दीपके से मुलाकात की. जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद संभाजीनगर दौरे के दौरान दोनों के बीच यह खास बातचीत हुई. तुषार गांधी ने इस मुलाकात के दौरान आंदोलन के दौरान बनाए रखे गए संयम और अहिंसा की सराहना करते हुए कहा कि इसमें उन्हें स्पष्ट रूप से महात्मा गांधी के 'सत्याग्रह' की छवि नजर आई.
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"युवाओं को जगाने वाले से मिलने की थी इच्छा"
तुषार गांधी ने बताया कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में खुद शामिल नहीं हो पाए थे, लेकिन देश के युवाओं को एकजुट करने वाले नेतृत्व से मिलने की उनकी बेहद इच्छा थी. संभाजीनगर आने पर 'भारत के लोग' और गांधी सेंटर से जुड़े सहयोगियों के साथ उन्होंने अभिजीत दीपके से मुलाकात की.
सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए तुषार गांधी ने कहा कि इस आंदोलन की असली सफलता किसी एक मंत्री के इस्तीफे में नहीं, बल्कि सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करने में है. उन्होंने कहा कि जो सरकार वर्षों से सवाल न पूछने देने के अहंकार में थी, उसे जनता के सामने जवाबदेह बनना पड़ा, यही इस मुहिम की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
अभिजीत दीपके बोले- 'गांधीजी के विचार ही देश की आत्मा'
तुषार गांधी की मौजूदगी और समर्थन पर अभिजीत दीपके ने कहा कि महात्मा गांधी के परिवार का साथ आना उनके लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा, "आंदोलन के दौरान हम पर अराजकता फैलाने और हिंसक होने के आरोप लगाए गए, लेकिन महात्मा गांधी के परपोते का हमारे साथ खड़े होना यह साबित करता है कि हमारा रास्ता शांतिप्रिय और अहिंसक था."
अभिजीत ने आगे कहा कि जब पूरी दुनिया- चाहे नेल्सन मंडेला हों या मार्टिन लूथर किंग- गांधीजी के अहिंसा के मार्ग से प्रेरणा लेती हैतो भारत के युवाओं को किसी अन्य देश के उदाहरण देखने की जरूरत नहीं है. गांधीजी के विचार इस देश की आत्मा हैं और उन्हें कभी खत्म नहीं किया जा सकता.
अन्य मुद्दों पर भी बोले तुषार गांधी
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन: महाराष्ट्र में 'स्कूल ठीक करो' मुहिम को लेकर तुषार गांधी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी (Gen Alpha) जागरूक होकर सवाल पूछ रही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है.
किरण रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया: केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के पुलिस की तारीफ वाले बयान पर तुषार गांधी ने कहा कि पुलिस की आक्रामकता के बावजूद युवाओं ने संयम बनाए रखा और कोई उकसावा नहीं दिया.
सावरकर-गोडसे विवाद: पुणे में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले और सावरकर के वंशज के हालिया बयान पर उन्होंने कहा कि सत्य का उजागर होना देश के सामने बहुत जरूरी था.
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