विजेता दहिया पर पॉडकास्ट के बहाने किसने की मारपीट? प्रिंस गौर के वीडियो ने खोला हमले का बड़ा राज, मची सनसनी

वैशाली

• 03:52 PM • 06 Sep 2026

Vijeta Dahiya Podcast Controversy: पूर्व सीजेपी प्रवक्ता विजेता दहिया पर जाफराबाद में पॉडकास्ट के बहाने बुलाकर मारपीट और धमकी देने के मामले में नया मोड़ आया है. प्रिंस गौर नाम के शख्स ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली है. आरोपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदू धर्म और देवी-देवताओं पर टिप्पणी का पूर्ण विराम वही लगाएगा.

विजेता दहिया पर हमले में नया मोड़
विजेता दहिया पर हमले में नया मोड़
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Vijeta Dahiya Attack Case: कॉकरोच जनता पार्टी (CGP) के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया पर दिल्ली के जाफराबाद इलाके में हुए हमले के सनसनीखेज मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है. पॉडकास्ट के बहाने बुलाकर मारपीट करने, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी के आरोपों के बीच अब इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी एक शख्स ने खुद ली है. सोशल मीडिसया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर प्रिंस गौर नाम के शख्स ने दावा किया है कि उसी ने विजेता दहिया पर हमले की शुरुआत की थी.

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पॉडकास्ट के बहाने जाफराबाद बुलाकर की थी मारपीट

यह पूरा मामला 31 अगस्त का है जब विजेता दहिया ने दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बताया गया कि 5 अगस्त को रोहित नाम के एक व्यक्ति ने खुद को प्रिंस गौर की टीम का सदस्य बताते हुए उनसे व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया था. उसने विजेता दहिया को एक पॉडकास्ट इंटरव्यू रिकॉर्ड करने के बहाने दिल्ली के जाफराबाद स्थित एक पते पर बुलाया. आरोप है कि जब विजेता दहिया वहां पहुंचे, तो कुछ लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई, बंधक बनाया गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं.

'शुरुआत तुमने की थी, पूर्ण विराम हम लगाएंगे'- आरोपी की खुली धमकी

मामला तूल पकड़ने के बाद अब प्रिंस गौर का एक इंस्टाग्राम वीडियो सामने आया है. वीडियो में प्रिंस गौर खुलेआम कहता नजर आ रहा है कि जिस प्रिंस गौर के बारे में विजेता दहिया बात कर रहा है, वह मैं ही हूं. मैंने ही उसे समझाया था कि भगवानों के ऊपर टिप्पणी मत करो, लेकिन वह नहीं माना. इसके बाद उसने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अपने कानों से एक बात सर से लेकर पैर तक उतार लो, शुरुआत तुमने की थी और पूर्ण विराम हम लगाएंगे. ऐसा पूर्ण विराम होगा जो उदाहरण सेट करेगा कि किसी भी धर्म या देवी-देवताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी न की जाए.

धार्मिक भावनाओं के अपमान का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

विजेता दहिया का दावा है कि उन पर हमला करने वाला समूह लगातार आरोप लगा रहा था कि वे हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का अपमान करते हैं. इसी रंजिश के तहत उन्हें जाल में फंसाकर निशाना बनाया गया और जाफराबाद मेट्रो स्टेशन तक कुछ लड़कों ने उनका पीछा भी किया. 31 अगस्त को एफआईआर दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस अब वायरल वीडियो, सोशल मीडिया अकाउंट्स और आरोपी प्रिंस गौर की गतिविधियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है. पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.

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