महिला आरक्षण बिल को लेकर मनीष सिसोदिया ने साफ किया AAP का स्टैंड, कही ये बातें!

AAP stand on Women Reservation Bill:महिला आरक्षण बिल पर मनीष सिसोदिया ने AAP का स्टैंड साफ किया. बिल का समर्थन, लेकिन डीलिमिटेशन और सीटों के नए स्ट्रक्चर पर उठाए सवाल. केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, यह तरीका लोकतंत्र के खिलाफ है. जानिए पूरा बयान और सियासी असर.

Manish Sisodia on Women Reservation Bill India
Manish Sisodia on Women Reservation Bill India

न्यूज तक डेस्क

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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वे महिला आरक्षण के पूरी तरह समर्थन में हैं, लेकिन जिस तरह से इसे लागू करने के लिए सीटों के स्ट्रक्चर और डीलिमिटेशन (परिसीमन) का सहारा लिया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.

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'आधी आबादी को मिलना चाहिए पूरा हक'

मनीष सिसोदिया ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को अधिकारपूर्वक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी एक जेंडर की मोनोपोली (एकाधिकार) नहीं होनी चाहिए और इसीलिए 'आप' इस बिल की मूल भावना के साथ है.

डीलिमिटेशन और सीटों के खेल पर उठाए सवाल

सिसोदिया ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में जो सीटों का नया स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, वह भारत की डेमोग्राफी के खिलाफ है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार उन इलाकों में सीटें कम करने की कोशिश कर रही है जहां वे चुनाव हार जाते हैं, और वहां सीटें बढ़ाई जा रही हैं जहां उनका सपोर्ट ग्रुप है.

'संविधान नहीं, मोदी विधान से चल रही सरकार'

मनीष सिसोदिया ने तीखे लहजे में कहा कि यह बाबा साहब अंबेडकर के संविधान का नहीं, बल्कि 'मोदी विधान' का हिस्सा है. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी जी का नया ट्रेंड बन गया है कि जहां चुनाव न जीत पाओ, वहां वोट कटवा दो या फिर फर्जी वोट बनवा दो. सिसोदिया ने कहा, 'शहीद-ए-आजम भगत सिंह और गांधी जी ने कुर्बानी इसलिए नहीं दी थी कि एक दिन ऐसा प्रधानमंत्री आएगा जो सत्ता की हवस में संविधान को तार-तार कर देगा.' 

डीलिमिटेशन के तरीके का पुरजोर विरोध

सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन डीलिमिटेशन के जिस गलत तरीके से सीटों को इधर-उधर करने की कोशिश की जा रही है, पार्टी उसके खिलाफ है. उन्होंने संकेत दिया कि अगर इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही, तो पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी.

इस बयान के बाद महिला आरक्षण बिल और उसके क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस छिड़ गई है. विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा है कि क्या जनगणना और परिसीमन के नाम पर आरक्षण को लंबा खींचने की योजना है.

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