Delhi CBD Ground Protest Site: त्योहारों के बीच CBD ग्राउंड में प्रदर्शन पर स्थानीय लोगों और कमेटियों ने जताई आपत्ति! देखें क्या कहा

अमरजीत सिंह

13 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 13 2026 4:57 PM)

Delhi CBD Ground: दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई कर कड़कड़डूमा के सीबीडी ग्राउंड को नया प्रोटेस्ट साइट बनाए जाने के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है. स्थानीय रामलीला कमेटियों ने वर्तमान में चल रहे रामलीला मंचन और धार्मिक आयोजनों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया है और दशहरे के बाद ही अनुमति देने की मांग की है.

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Delhi CBD Ground: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए डी-नोटिफाई करने के बाद पुलिस द्वारा तय किए गए नए वैकल्पिक स्थलों को लेकर विरोध और चर्चाएं शुरू हो गई हैं. दिल्ली पुलिस ने पूर्वी दिल्ली स्थित कड़कड़डूमा के सीबीडी (CBD) ग्राउंड को भी नया प्रोटेस्ट साइट घोषित किया है, लेकिन इस फैसले के सामने आते ही स्थानीय स्तर पर इसका विरोध देखने को मिलने लगा है. विशेषकर इन दिनों चल रहे पावन त्योहारों और रामलीला मंचन के आयोजकों ने इस स्थान पर धरने-प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने पर गंभीर चिंता जताई है.

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रामलीला मंचन और मेलों पर पड़ सकता है असर

कड़कड़डूमा स्थित सीबीडी ग्राउंड में इस समय बड़े पैमाने पर रामलीला का मंचन और मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और राम भक्त हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं. श्री बालाजी रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और अन्य आयोजकों का कहना है कि अगर इस दौरान सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए खोल दिया जाता है, तो इससे न केवल धार्मिक आयोजन बाधित होंगे बल्कि भारी अव्यवस्था भी फैल जाएगी. आयोजकों का तर्क है कि फेस्टिव सीजन के दौरान यहां महिलाओं, बच्चों और परिवारों का आना-जाना लगा रहता है, ऐसे में प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों से सुरक्षा और यातायात की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है.

कमेटियों की मांग- दशहरे के बाद दी जाए अनुमति

स्थानीय रामलीला कमेटियों के प्रधानों का साफ तौर पर कहना है कि वे प्रशासन के नियमों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए यदि सीबीडी ग्राउंड में प्रदर्शन की अनुमति देनी ही है, तो कम से कम दशहरे का पावन त्योहार और रामलीला का मंचन पूरा होने के बाद ही इसकी शुरुआत की जानी चाहिए. उनका मानना है कि अचानक इस तरह के फैसले से धार्मिक आस्थाओं और आयोजनों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा. बहरहाल, दिल्ली पुलिस के नए प्रोटेस्ट साइट के फैसले के बाद अब स्थानीय लोगों और कमेटियों की आपत्तियों ने प्रशासन के सामने एक नया पेंच फंसा दिया है, जिस पर आगे प्रशासनिक रुख देखना दिलचस्प होगा.

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