सीजेपी (CJP) के आंदोलन के दूसरे दिन देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला. शाम होते-होते राजनीतिक सरगर्मी तब चरम पर पहुंच गई, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अचानक प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के बाहर एकत्र हो गए और वहीं सड़क पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए. अचानक धरना स्थल पर पहुंचने के कुछ देर बाद ही वहां पर दिल्ली पुलिस के जवान पहुंचे, जहां कई कांग्रेस नेताओं को डिटेन किया गया. धीरे-धीरे मामला बढ़ने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी को भी डिटेन किया गया. इसी बीच राहुल गांधी का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
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राहुल गांधी को आई चोट, वीडियो वायरल
हिरासत में लेने की कार्रवाई के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा राहुल गांधी को घसीटे जाने के दृश्य सामने आए. धक्का-मुक्की और खींचतान के दौरान राहुल गांधी की नाक में चोट लग गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से वायरल हो रहा है.
विपक्ष की 5 प्रमुख मांगे
प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी निम्नलिखित मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा:
HRD मंत्री का इस्तीफा: मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय एचआरडी (शिक्षा) मंत्री तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें.
सदन में गृह मंत्री का बयान: पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था पर केंद्रीय गृह मंत्री संसद में आकर आधिकारिक बयान दें.
सदन के भीतर चर्चा: संसद के चल रहे सत्र में इस विषय पर बिना किसी बाधा के विशेष चर्चा कराई जाए.
छात्रों की सुनवाई: आंदोलनरत छात्रों और उनके प्रतिनिधियों की बात को सरकार गंभीरता से सुने.
हिंसा की निष्पक्ष जांच: प्रदर्शन के पहले दिन हुई हिंसा और झड़पों की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच कराई जाए.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से वार्ता और 'X' पर तीखा हमला
धरने की सूचना मिलते ही सरकार की ओर से मध्यस्थता करने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने सड़क पर बैठकर ही राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं से बातचीत की। हालाँकि, यह वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. बातचीत के तुरंत बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाए. उन्होंने लिखा:
'राहुल गांधी ने संसद में NEET परीक्षा और उससे जुड़े आंदोलन से संबंधित सभी विषयों पर चर्चा की मांग की थी. जब सरकार ने उदारता दिखाते हुए इस मांग को मान लिया, तो वे अपने बयान से पूरी तरह पलट गए और अब नई शर्तें व मांगे सामने रखकर राजनीति कर रहे हैं.'
अखिलेश यादव की एंट्री और पुलिस का कड़ा एक्शन
राजनीतिक घटनाक्रम उस समय और भी नाटकीय हो गया जब केंद्रीय मंत्री के पोस्ट के कुछ ही देर बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी अचानक पीएम आवास के बाहर धरना स्थल पर पहुंच गए. अखिलेश यादव ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से हाथ मिलाया और विपक्षी एकजुटता दिखाते हुए धरने में शामिल हो गए. सपा प्रमुख के पहुंचते ही पीएम आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई. स्थिति को भांपते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने त्वरित कार्रवाई का फैसला किया.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए इलाके में धारा 144 लागू होने का हवाला दिया और नेताओं को वहां से हटने को कहा. मना करने पर पुलिस बलपूर्वक कार्रवाई पर उतर आई और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा तथा अखिलेश यादव समेत कई दिग्गज नेताओं को हिरासत में ले लिया.
देर रात नेताओं की रिहाई
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित सभी नेताओं को पुलिस की बसों में बैठाकर थाने ले जाया गया. घंटों चले इस सियासी ड्रामे के बाद, देर रात दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत सभी डिटेन किए गए विपक्षी नेताओं को रिहा कर दिया.
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