TVK Congress Alliance: तमिलनाडु में 108 सीटें जीतकर सबको चौंकाने वाली पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम यानी पार्टी यानी TVK जल्द ही सरकार बना सकती है. इसमें उसकी मदद कांग्रेस पार्टी करने जा रही है. दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने एक लेटर जारी कर TVK को समर्थन देने का ऐलान किया है. इस फैसले के साथ ही राज्य में दशकों पुराने डीएमके-कांग्रेस गठबंधन भी अब टूट सकता है. DMK-कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कांग्रेस नेता और वर्तमान सांसद एस. जोतिमणि ने कहा है कि अच्छा है कि हम आपसी सम्मान के साथ गठबंधन से अलग हो जाएं. उन्होंने कि इस दौरान हम दोनों ही पक्षों को एक दूसरे परकड़े शब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए.
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कांग्रेस ने समर्थन के लिए रखी बड़ी शर्त
समर्थन को लेकर भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रभारी गिरीश चोडंकर द्वारा एक लेटर जारी किया गया है. इसमें कि कांग्रेस का समर्थन को लेकर कुछ शर्तों रखी गईं हैं. कांग्रेस ने मांग की है कि TVK के नेतृत्व वाले इस गठबंधन में किसी भी ऐसी सांप्रदायिक ताकत को जगह नहीं दी जानी चाहिए जिसका देश के संविधान में विश्वास नहीं है. कांग्रेस का कहना है कि यह गठबंधन धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील मूल्यों पर आधारित होगा, जो युवाओं और जनता के जनादेश का सम्मान करेगा.
7 मई को शपथ ग्रहण, राहुल गांधी होंगे शामिल
जानकारी के अनुसार, TVK 7 मई को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की योजना बना रही हैं. इस बीद विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.उसके इस शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी भी शामिल हो सकते है.
जारी ने बताया क्यों DMK से टूटा नाता
कांग्रेस सांसद एस. जोतिमनी ने इस बदलाव पर अपनी बात रखते हुए कहा कि राजनीति में गठबंधन बनना और टूटना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में DMK ने भी चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को अकेले छोड़ दिया था. जोतिमनी ने कहा कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अपनी सीट पर हुई हार के बाद कांग्रेस ने तमिलनाडु के भविष्य के लिए TVK के साथ जाने का फैसला किया है. उन्होंने साफ किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाने वालों को कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
DMK ने कांग्रेस को बताया अवसरवादी
दूसरी ओर, डीएमके ने कांग्रेस के इस कदम की तीखी आलोचना की है. डीएमके नेता डॉ. कनिमोझी एनवीएन सोमु ने कांग्रेस को "धोखेबाज" करार देते हुए कहा कि जिस सीढ़ी से चढ़कर कांग्रेस मजबूत हुई, उसी को लात मारना उसकी पुरानी आदत है. उन्होंने याद दिलाया कि एम.के. स्टालिन ही वो पहले नेता थे जिन्होंने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की वकालत की थी. डीएमके का कहना है कि तमिलनाडु की जनता कांग्रेस को इस दोहरे मापदंड के लिए चुनाव में सबक सिखाएगी
TVK ने जीती हैं 108 सीटें
आपको बात दें कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK ने 234 में से 108 सीटें जीती हैं, इसी के साथ ये प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि, पार्टी को बहुमत के लिए 11 सीटें कम पड़ रही हैं. वहीं, दूसरे नंबर डीएमके है, इसे 59 सीटें मिली हैं. वहीं AIADMK को 47 कांग्रेस को 5 सीटें मिली हैं. ऐसे में विजय को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों के समर्थन की भी जरूरत पड़ेगी.
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