सयानी घोष का 'सर्वधर्म' अवतार! चुनावी मंच पर पढ़ी हनुमान चालीसा और गुरुवाणी, वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाया तहलका

Sayani Ghosh viral video: पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच टीएमसी सांसद सयानी घोष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह चुनावी मंच से हनुमान चालीसा, गुरुवाणी और इस्लामिक कलमा पढ़ती नजर आ रही हैं. उनके सर्वधर्म संदेश वाले अंदाज ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक नई बहस छेड़ दी है.

Sayani Ghosh viral video
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निधि तनेजा

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पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद और युवा नेता सयानी घोष इन दिनों इंटरनेट सेंसेशन बनी हुई हैं. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक ही मंच से हनुमान चालीसा, गुरुवाणी और इस्लामिक कलमा पढ़कर लोगों का दिल जीत रही हैं. सयानी का यह अंदाज न केवल उनकी हाजिरजवाबी को दर्शाता है, बल्कि उन्हें ममता बनर्जी की पार्टी का सबसे बड़ा 'क्राउड पुलर' भी बना रहा है.

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एक ही मंच पर गूंजी चालीसा, कलमा और गुरुवाणी

चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सयानी घोष ने अपनी स्पीच की शुरुआत प्रभावशाली ढंग से की. उन्होंने एक ही सांस में 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया, फिर इस्लामिक पंक्तियां 'ला इलाहा इल्लल्लाह' गुनगुनाईं और उसके बाद सिख धर्म की पवित्र 'गुरुवाणी' का पाठ किया. सयानी ने 'या देवी सर्वभूतेषु' मंत्र के साथ शक्ति की वंदना भी की. उनका यह भाषण एकता का संदेश दे रहा था, जिसे सुनकर वहां मौजूद भारी भीड़ तालियां बजाने पर मजबूर हो गई.

ग्लैमर की दुनिया से राजनीति का सफर

सयानी घोष की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान वह बंगाली फिल्मों की एक बड़ी स्टार थीं. तभी उन्हें ममता बनर्जी का एक फोन कॉल आया और उन्होंने ग्लैमर की दुनिया छोड़ सीधे चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया. हालांकि वे अपना पहला चुनाव हार गई थीं, लेकिन उनकी लड़ने की भावना ने ममता बनर्जी का दिल जीत लिया. ममता ने उन्हें टीएमसी की यूथ विंग का नेशनल प्रेसिडेंट बनाकर पार्टी के पावर सेंटर में जगह दी.

ममता बनर्जी की 'उत्तराधिकारी' के रूप में चर्चा

राजनीतिक गलियारों में सयानी घोष को ममता बनर्जी की संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जा रहा है. उनके भाषण देने की शैली, आक्रामकता और जनता से जुड़ने का अंदाज लोगों को युवा ममता बनर्जी की याद दिलाता है. 2024 के चुनाव में ममता ने उन्हें जादवपुर सीट से उम्मीदवार बनाया, यह वही सीट है जहां से ममता बनर्जी ने खुद अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी.

विवादों से भी रहा नाता

सयानी घोष की राजनीति में एंट्री जितनी धमाकेदार थी, उतनी ही विवादित भी रही. उनके अभिनय करियर के दौरान 2015 का एक पुराना ट्वीट वायरल हुआ था, जिसे लेकर बीजेपी ने उन्हें हिंदू भावनाओं के अपमान के मुद्दे पर जमकर घेरा था. हालांकि, सयानी इन विवादों के सामने झुकी नहीं और लगातार अपने तेवरों से विरोधियों को जवाब देती रहीं.

बहुमुखी प्रतिभा की धनी

सयानी न केवल एक राजनेता और अभिनेत्री हैं, बल्कि एक प्रशिक्षित गायिका और नृत्यांगना भी हैं. वे अक्सर अपनी रैलियों में भीड़ को जोड़ने के लिए लोकगीत और संगीत का सहारा लेती हैं. उनकी युवाओं और महिलाओं के बीच जबरदस्त अपील उन्हें टीएमसी के लिए एक अजेय योद्धा बनाती है.

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