तमिलनाडु में चुनाव होने के बाद इस बार अलग ही घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. चुनाव खत्म हो गए है लेकिन सरकार बनाने को लेकर पेंच लगातार फंसा हुआ है क्योंकि किसी भी दल या गठबंधन के पास बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं है. अभिनेता से नेता बने विजय थलापति की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम यानी TVK सबसे ज्यादा 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई है लेकिन सरकार बनाने के लिए बहुमत से पीछे है.
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इस परिस्थिति के बीच राज्य में एक ऐसी चर्चा तेज हो गई है, जिसकी कल्पना पिछले 50 सालों में किसी ने नहीं किया था. कहा जा रहा है कि तमिलनाडु में BJP के साथ मिलकर चुनाव लड़ी AIADMK अब NDA से बाहर निकलने की तैयारी कर रही है. ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि आखिर AIADMK किसके साथ DMK या TVK किसके साथ हाथ मिलाएगी? विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
NDA में टूट, AIDAMK और BJP होगी अलग?
तमिलनाडु में 2026 में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे काफी दिलचस्प रहें. एक ओर जहां बीजेपी ने 3 राज्यों में शानदार जीत दर्ज की, वहीं तमिलनाडु में AIADMK के साथ गठबंधन में लड़ने के बाद भी विजय की पार्टी TVK से आगे नहीं निकल सकी. TVK ने 108 सीटें जीती, लेकिन सरकार बनाने के लिए उन्हें 118 विधायक चाहिए. कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों का समर्थन दिया है लेकिन फिर भी बहुमत से पीछे है.
वहीं जय ललिता के निधन के बाद AIADMK लगातार चार बार चुनाव हार चुकी और अब यह लड़ाई उनकी राजनीतिक वजूद पर आ गई है. ऐसे में सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अपनी साख को बरकरार रखने के लिए AIADMK विजय की पार्टी TVK के साथ गठबंधन पर विचार कर रही है. दरअसल विजय ने AIADMK के बीजेपी के साथ होने के कारण हाथ नहीं मिलाया था. इसलिए AIADMK अब BJP के साथ गठबंधन तोड़ सकती है और कहा जा रहा कि इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है.
AIADMK के पास क्या है ऑप्शन?
इधर तमिलनाडु में TVK और कांग्रेस के साथ आने से DMK नाराज है तो बीजेपी भी खुश नहीं है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी कांग्रेस को सत्ता से दूर रखना चाहती है तो AIADMK अपने अलग ही रणनीति में काम कर रही है. अब सवाल उठता है कि अगर AIADMK बीजेपी से अलग होती है तो उसके पास क्या-क्या ऑप्शन है? तो AIADMK के पास दो ऑप्शन दिखाई दे रहे है.
पहला ऑप्शन- BJP से अलग होकर AIADMK विजय से हाथ मिला सकती है और अगर ऐसा हुआ तो राज्य में आसानी से विजय की AIADMK के साथ गठबंधन वाली सरकार बन सकती है. फिलहाल TVK ने AIADMK से इसलिए समर्थन नहीं लिया है क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने BJP को वैचारिक विरोधी बताया था.
दूसरा ऑप्शन- AIADMK चाहे तो DMK के साथ मिलकर नई सरकार बना सकती है. हालांकि इस प्रक्रिया में उन्हें मशक्कत करनी पड़ेगी और इसके लिए काफी जोड़-तोड़ करना होगा. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि विजय के सियासी प्रभाव को कम करने के लिए DMK और AIADMK हाथ मिला सकते हैं.
इसमें है कोई बीजेपी की चाल?
तमिलानाडु में विजय और कांग्रेस की दोस्ती बीजेपी को कुछ जम नहीं रही है और वे नहीं चाहते की दोनों मिलकर कोई सरकार बनाएं. ऐसे में DMK-AIADMK के गठबंधन की भी चर्चाएं तेज हो गई है. हालांकि एम.के.स्टालिन इस प्रयोग से काफी खुश नजर नहीं आ रहे है और उन्हें बवाल का डर सता रहा है. माना जा रहा है कि यह वजह है कि एम.के.स्टालिन ने कहा था कि राज्यपाल को विजय को सरकार बनाने के लिए इजाजत देनी चाहिए और वह 6 महीने तक कोई भी विवाद नहीं करेंगे.
विजय की पार्टी की बड़ी धमकी!
इधर विजय की पार्टी अलग ही रास्ते पर चलती हुई दिखाई दे रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विजय की पार्टी TVK ने बड़ी धमकी देते हुए दांव चला है. TVK का कहना है कि अगर राज्य में DMK-AIADMK के गठबंधन वाली सरकार बनती है तो उनके 108 के 108 विधायक सामूहिक इस्तीफा दे देंगे.
चुनाव में किस पार्टी ने जीती कितनी सीटें?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार किसी भी एक दल को बहुमत नहीं मिला है. 234 विधानसभा सीट वाली सीट वाले राज्य में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए. 4 मई को जब चुनाव परिणाम आए तो TVK को 108 सीटें मिली. वहीं DMK गठबंधन के पास 74 विधायक हैं, जिनमें डीएमके के 59, कांग्रेस के पांच और अन्य दलों के 10 विधायक शामिल हैं. दूसरी ओर, एआईएडीएमके गठबंधन के पास 53 सीटें हैं और अन्य के पास 6 विधायक है. विजय की टीवीके को कांग्रेस के साथ के बावजूद बहुमत के लिए 5 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है.
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