85 करोड़ के स्टार से तिहाड़ तक: आखिर कैसे चेक बाउंस केस में फंसे राजपाल यादव?

चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव आज तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं, जहां एक फ्लॉप फिल्म अता पता लापता के लिए लिया गया कर्ज उनकी मुश्किलों की वजह बना. इस कठिन दौर में उनकी पत्नी राधा यादव परिवार और कानूनी लड़ाई दोनों संभालते हुए उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ी हैं.

राजपाल यादव
राजपाल यादव

कीर्ति राजोरा

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बॉलीवुड के वो कलाकार जिन्होंने अपनी छोटी सी कद-काठी से कॉमेडी का बड़ा साम्राज्य खड़ा किया, आज वही राजपाल यादव दिल्ली की तिहाड़ जेल की दीवारों के पीछे अपनी किस्मत का फैसला होने का इंतजार कर रहे हैं. देश में भयंकर चर्चा हो रही है कि कैसे इतना हिट बॉलीवुड स्टार चेक बाउंस के मामले में जेल चला गया और किसी ने उनकी मदद नहीं की.

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राजपाल यादव की जिंदगी की कहानी किसी सुपरहिट फिल्म से भी ज्यादा ड्रामेटिक और इमोशनल है. जिसमें जबर्दस्त सक्सेस स्टोरी भी है, परिवार का सुख-दुख भी और अब बड़ी कानूनी लड़ाई जिसमें न चाहकर भी सारा राजपाल परिवार फंसा है. 

राजपाल यादव चेक बाउंस के गुनाह में तिहाड़ जेल में 6 महीने की सजा काट रहे हैं. इस मुश्किल समय में उनकी पत्नी राधा यादव उनकी सबसे बड़ी ढाल बनकर उभरी हैं. कहते हैं कि हर सफल आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है लेकिन राजपाल के मामले में, उनकी गिरती हुई दुनिया को थामने वाली ताकत का नाम 'राधा' है. 

बॉलीवुड का स्टार कैसे पहुंचा जेल 

राजपाल यादव जैसा स्टार जेल में है तो बातें खूब हो रही हैं. सवाल भी कि इतने साल से बॉलीवुड में जमा स्टार कैसे इस हाल में आ गया कि जेल जाने की नहीं, सजा होने के कारण जेल की सजा हो गई.  मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राजपाल यादव की नेटवर्थ करीब 85 करोड़, एक फिल्म के एक सवा करोड़ लेने के बाद भी उन्होंने 9 करोड़ के लिए जेल जाने का रास्ता क्यों चुना?

राजपाल यादव के साथ चर्चा में आई हैं उनकी पत्नी राधा यादव भी. गजब कहानी है बॉलीवुड के छोटे डॉन राजपाल यादव की अनसुनी लव स्टोरी की. सात समंदर पार का वो इश्क, जिसने बदल दी 'छोटा डॉन' की दुनिया! एक आइसक्रीम पार्लर से शुरू हुई मोहब्बत तिहाड़ की सलाखों के पार जाकर भी राजपाल को हौसला दे रही है. इसीलिए हमारे शो की चर्चित चेहरा बनी हैं राजपाल की राधा और उनकी अनसुनी दास्तां!

गहरे सदमे में से गुजर चुके हैं

राधा से मिलने से पहले राजपाल गहरे सदमे से गुजर चुके थे. जब महज 20 साल के थे, उनके पिता ने शादी करुणा नाम की महिला से कराई थी. शादी होते ही राजपाल के जीवन में एक गहरा सन्नाटा था. परिवार पहली संतान के इंतजार में था लेकिन 1991 में पहली बेटी ज्योति की डिलीवरी इतना कॉम्पलिकेटेड हुई कि करुणा का निधन हो गया. राजपाल के लिए ये समय इतना कठिन था कि उस वक्त अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए पैसे भी मुश्किल से जुटाए.  राजपाल लौटकर मुंबई आए और ज्योति के साथ बचा-खुचा परिवार चलाते रहे लेकिन तकदीर ने राजपाल के लिए कुछ और सोच रखा था. 

कैसे हुआ राधा से मुलाकात 

साल 2001, कनाडा का शहर कैलगरी. राजपाल यादव अपनी फिल्म 'द हीरो' की शूटिंग के बाद एक लोकल आइसक्रीम पार्लर में अपनी पसंद का फ्लेवर ढूंढ रहे थे. उन्हें नहीं पता था कि वहां उन्हें अपनी जिंदगी की 'मिठास' मिलने वाली है. उसी दुकान पर उनकी मुलाकात राधा से हुई. राधा वहां के एक मॉल में काम करती थीं. राजपाल ने एक इंटरव्यू में कबूला था कि उन्हें पहली नजर में ही लगा कि राधा ही  हैं जो उनका घर बसा सकती हैं. वहीं उन्होंने पहली बार राधा को देखा था. उस वक्त दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई, लेकिन साइलेंट लव स्टोरी शुरू हो चुकी थी. शाम को एक कॉमन फ्रेंड के जरिए फिर मिले. राधा कनाडा की रहने वाली थीं, लेकिन उनकी सादगी ने राजपाल का दिल जीत लिया।.

राजपाल की शूटिंग खत्म हुई तो भारत लौटना पड़ा. लेकिन दिल कनाडा में छोड़ आए थे. अगले 10 महीनों तक दोनों के बीच प्यार का सिलसिला टेलीफोन के जरिए जारी रहा. राजपाल के घर टेलीफोन के 'पहाड़ जैसे' बिल आने लगे. आईएसडी पर 900 मिनट की डेटिंग जो चल रही थी. राधा को राजपाल की शोहरत से कोई मतलब नहीं था, उन्हें तो राजपाल की सादगी भा गई थी.

10 जून 2003 को की शादी 

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप के बाद दोनों इस नतीजे पर पहुंचे कि शादी करनी चाहिए. राधा ने कनाडा में अपना सब कुछ छोड़कर राजपाल के लिए भारत आ गईं. 10 जून 2003 को दोनों ने सात फेरे लिए.

कनाडा में रहने के दौरान भी उनका नाम राधा ही था. राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वे कनाडा में पहली बार उनसे मिले थे, तब उन्होंने अपना नाम राधा ही बताया था. राधा का परिवार भारतीय मूल का है जो कनाडा के कैलगेरी में बसा था. इसलिए उनका नाम भारतीय ही पड़ा. शादी के बाद उन्होंने अपने नाम के साथ 'यादव' सरनेम जोड़ा और अब उन्हें राधा राजपाल यादव के नाम से जाना जाता है.

राधा के बारे में सबसे अनसुनी बात यह है कि जब वे पहली बार राजपाल के पैतृक गांव कुंडरा (शाहजहांपुर) पहुंचीं, तो उन्होंने मॉडर्न कपड़ों को छोड़कर तुरंत साड़ी और घूंघट अपना लिया. राजपाल बताते हैं कि राधा ने महज चंद हफ्तों में ही वहां की बोली और रीति-रिवाज सीख लिए थे, जिसे देखकर गांव के लोग दंग रह गए थे.

दूसरी शादी के बाद राजपाल के सामने चिंता थी कि सौतेली मां राधा और सौतेली बेटी ज्योति एक-दूसरे के साथ कैसे एडजस्ट करेंगे. राजपाल किस्मत वाले निकले. राजपाल की पहली पत्नी करुणा की बेटी ज्योति उस वक्त बहुत छोटी थी. राधा ने न केवल राजपाल को अपनाया बल्कि ज्योति को वो मां का प्यार दिया जिसकी उसे सख्त जरूरत थी. राजपाल की दूसरी पत्नी राधा ने न केवल राजपाल का उजड़ी गृहस्थी संभाली बल्कि  ज्योति को सगी बेटी की तरह पाला. राधा ने कभी अपनी सगी बेटियों हर्षिता और रेहांशी और ज्योति के बीच फर्क नहीं किया. आज ज्योति की शादी हो चुकी है और वे राधा को ही अपनी असली मां मानती हैं. ज्योति की शादी राजपाल यादव और राधा यादव ने 2017 में की. बैंकर पति के साथ ज्योति लखनऊ में रहती हैं. 

बेटियां लाइमलाइट और चकाचौंध वाली दुनिया से दूर, पढ़ाई कर रही हैं. राजपाल यादव प्यार से अपनी बेटियों को मोनी', 'हनी' और 'रेहू' बुलाते हैं. बेटियों से बॉन्डिंग के सवाल पर उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि अपनी बेटियों की वजह से कभी "बूढ़ा" नहीं होना चाहते. बेटियों को उनके लिए टीचर हैं क्योंकि उनसे हर दिन कुछ नया सीखते हैं.राजपाल की मौजूदा कानूनी मुश्किलों (चेक बाउंस मामला) के दौरान, राधा यादव ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटियां इस कठिन दौर में एक-दूसरे का सहारा बनी हुई हैं

अर्श से फर्श तक पहुंचा

हंसाते-हंसाते राजपाल यादव कब मुश्किलों में घिर गए, पता ही नहीं चला. कहा ही जाता है विपत्ति किसी को बताकर नहीं आती. राजपाल यादव के अर्श से फर्श तक पहुंचने की के पीछे है एक फ्लॉप फिल्म जिसने बॉलीवुड के सबसे महंगे कॉमेडियन्स में से एक को जेल की दहलीज पर खड़ा कर दिया. 2010 में उन्होंने एक फिल्म बनाने की सोची. वही फिल्म जी का ऐसा जंजाल बनी कि राजपाल तिहाड़ जेल पहुंच गए. 

फिल्म 'अता पता लापता' के लिए उन्होंने दिल्ली के एक बिजनेसमैन मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ का कर्ज लिया 
था. वही 5 करोड़ का कर्ज सूद समेत 9 करोड़ का काल बन गया. हालांकि राजपाल का दावा है कि वो झांसे में करोड़ों के कर्ज में फंस गए. 2013 में दिल्ली हाई कोर्ट ने पाया कि राजपाल ने कर्ज चुकाने के बारे में झूठे Affidavits दिए. उसी वजह से उन्हें पहले भी 10 दिन जेल में बिताने पड़े थे चेक बाउंस हुए, कोर्ट की तारीखें आईं, और आखिरकार 5 फरवरी 2026 को राजपाल को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा। कोर्ट ने जब सरेंडर करने कहा तो राजपाल इमोशनल हो गए कि मेरे पास पैसे नहीं हैं, कानून का पालन करना ही एकमात्र रास्ता है. 

बड़े प्रोड्यूसर ने बना ली थी दूरी 

कानूनी पचड़ों के कारण कई बड़े प्रोड्यूसर्स ने उनसे दूरी बना ली, जिससे उनकी कमाई का जरिया भी कम हो गया।
आज जब राजपाल यादव ₹9 करोड़ के कर्ज और तिहाड़ जेल की सजा काट रहे हैं, राधा उनके प्रोफेशनल फ्रंट को भी संभाल रही हैं। हालांकि इस केस में राधा यादव भी फंसी लेकिन जुर्माना देकर जेल जाने से बच गईं. 

साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने जब राजपाल यादव को दोषी ठहराया था, तब राधा यादव को भी इस मामले में समान रूप से जिम्मेदार पाया गया था. राधा यादव 'श्री नौरंग गोदावरी एंटरटेनमेंट' कंपनी में राजपाल के साथ पार्टनर थीं जिसने 5 करोड़ का कर्ज लिया था. कोर्ट ने राधा यादव के प्रति मानवीय आधार पर थोड़ी नरमी बरती. जहां राजपाल को जेल की सजा सुनाई गई, वहीं राधा को जेल भेजने के बजाय केवल 7 बाउंस चेक के बदले 70 लाख का भारी जुर्माना भरने का आदेश दिया गया था. 

डूब गई प्रोडक्शन कंपनी 

जेल जाने से बचीं राधा अब राजपाल के लिए लीगल फाइट कर रही हैं. राजपाल की प्रोडक्शन कंपनी को भी डूबने से बचा रही हैं. मुश्किल घड़ी में उन्होंने बड़े लोगों से से संपर्क साधकर राजपाल की वापसी की जमीन तैयार की है। पूरा संकट कब टलेगा अभी कोई कह नहीं सकता. जेल से निकल भी गए तब भी 9 करोड़ की देनदारी बनी रहेगी राजपाल यादव पर.

अब तक खामोश रहीं राधा यादव ने तब मीडिया के सामने एंट्री ली जब राजपाल के दोस्त, चाहने वालों और बॉलीवुड के बिग स्टार्स मदद के लिए आगे आए.  राधा इस कठिन समय में न केवल घर और अपनी दो बेटियों (हर्षिता और रिहांशी) को संभाल रही हैं, बल्कि राजपाल की कानूनी लड़ाई में भी उनके साथ मजबूती से खड़ी हैं. उन्होंने आभार जताया कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी इस मुश्किल समय में परिवार का साथ दे रहे हैं.

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