एक्टर राजपाल यादव की मदद के दावों की खुली पोल, भाई श्रीपाल यादव बोले- 'अकाउंट में नहीं आया एक भी रुपया'
Rajpal Yadav Jail: राजपाल यादव को साल 2010 में फिल्म 'अता पता लापता' के लिए लिए गए 5 करोड़ के कर्ज के मामले में जेल जाना पड़ा है. चेक बाउंस होने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया. वहीं, उनके भाई ने सेलेब्स द्वारा मदद किए जाने के दावों को महज दिखावा बताया है.

Rajpal Yadav Jail: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों कानूनी और आर्थिक संकट के कारण चर्चा में हैं. 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने के बाद उनका एक भावुक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने पैसों की कमी की बात कही थी. इसके बाद फिल्म इंडस्ट्री और फैंस की ओर से उन्हें आर्थिक मदद मिलने के दावे किए गए. लेकिन अब इस पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है.
परिवार को नहीं मिली कोई आर्थिक मदद
राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव ने इन दावों पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि अब तक परिवार को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिली है. जबकि सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में कई सेलेब्स द्वारा मदद करने की बात कही जा रही है.
पैसा कहां गया? - भाई ने पूछा सीधा सवाल
दैनिक भास्कर से बातचीत में श्रीपाल ने कहा, "बहुत से लोग राजपाल की मदद की बात कर रहे हैं. अगर किसी ने पैसा दिया है, तो बताएं कि किसे दिया? राजपाल का अकाउंट संभालने वाले व्यक्ति के पास अभी तक कोई मदद नहीं पहुंची है. क्या यह सब सिर्फ सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने के लिए हो रहा है?" उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर वाकई कोई मदद करता है, तो परिवार उनका हमेशा शुक्रगुजार रहेगा.
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श्रीपाल ने बताया कि जेल जाने से पहले राजपाल ने वादा किया था कि वे जल्द लौटेंगे. एक्टर का मानना है कि उन्होंने कोई कर्ज नहीं लिया था, बल्कि वह पैसा एक फिल्म में निवेश (इन्वेस्ट) किया गया था. वह अपनी इस बात को साबित करेंगे.
जेल में राजपाल, घर में शादी की तैयारियां
एक ओर राजपाल यादव जेल में हैं, वहीं दूसरी ओर उनके परिवार में शादी की तैयारियां चल रही हैं. श्रीपाल यादव की बेटी की शादी तय है. परिवार को उम्मीद है कि इस खुशी के मौके से पहले राजपाल घर लौट आएंगे.
क्यों जेल में बंद हैं राजपाल यादव?
राजपाल यादव की जेल जाने की कहानी साल 2010 से शुरू हुई थी. उन्होंने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए 'मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. बदकिस्मती से फिल्म फ्लॉप हो गई और राजपाल भारी आर्थिक संकट में फंस गए.
वह समय पर कर्ज नहीं लौटा पाए और लोन के बदले दिए गए उनके चेक बाउंस हो गए. इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी केस दर्ज हुआ. हालांकि, दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ, लेकिन पेमेंट पूरी नहीं हुई और ब्याज बढ़ते-बढ़ते कर्ज की रकम काफी ज्यादा हो गई.
मामला अदालत तक पहुंचा और साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी करार देते हुए छह महीने की जेल की सजा सुनाई. इसके बाद अभिनेता ने उच्च अदालत में अपील की. अदालत ने कई बार उन्हें राहत दी, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिलाया था. लेकिन तय शर्तें पूरी न होने के कारण अंततः उन्हें जेल जाना पड़ा.










