Ambala SHO Death: हरियाणा के अंबाला के नग्गल थाने में तैनात एसएचओ (सब इंस्पेक्टर) करमवीर सिंह की थाने के अंदर अपने कमरे में गोली लगने से मौत हो गई. 50 वर्षीय करमवीर सिंह पिछले 2 साल से नग्गल थाना प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे. अचानक सीने में गोली लगने की इस घटना से पूरे हरियाणा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
ADVERTISEMENT
सीने को चीरकर पार निकल गई गोली
घटना के वक्त एसएचओ करमवीर सिंह थाने में स्थित अपने कमरे में अकेले थे. अचानक कमरे से गोली चलने की आवाज आई, जिसके बाद थाने के कर्मचारी तुरंत अंदर पहुंचे. वहां करमवीर सिंह लहूलुहान हालत में पड़े थे और पास ही उनकी सर्विस रिवाल्वर रखी थी. उन्हें तत्काल अंबाला सिटी के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, गोली बेहद करीब से चली थी और सीने को चीरते हुए शरीर के आर-पार निकल गई.
क्या रिवाल्वर साफ करते वक्त हुआ हादसा?
घटना की सूचना मिलते ही अंबाला के एसपी समेत पुलिस के उच्च अधिकारी और 'सीन ऑफ क्राइम' की टीम मौके पर पहुंची. मामले पर एसपी ने बताया कि करमवीर सिंह एक बेहद कर्मठ और ईमानदार अधिकारी थे. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने सुबह मुंशी से हथियार की सफाई के संबंध में बात की थी. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सर्विस वेपन की सफाई करते समय गलती से ट्रिगर दबने से एक्सीडेंटल फायर हुआ होगा. हालांकि, पुलिस सुसाइड समेत अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.
28 साल का बेदाग करियर
कुरुक्षेत्र के रामगढ़ रोड गांव के रहने वाले करमवीर सिंह 25 नवंबर 1998 को बतौर सिपाही हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे. अपने 28 साल के कार्यकाल में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इसी साल 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर उन्हें सम्मानित भी किया गया था. करमवीर सिंह के परिवार में एक बेटा और एक शादीशुदा बेटी (जो कनाडा में रहती है) है. पुलिस ने घटनास्थल से सैंपल कलेक्ट कर लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सटीक वजह साफ हो सकेगी.
यह भी पढ़ें: अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल दो शार्प शूटर का हुआ एनकउंटर, देख लीजिए इनकी तस्वीर
ADVERTISEMENT


