Arjun Chautala vs Rohtak Gaurav Rajpurohit: हरियाणा के रोहतक से एक बेहद चौंकाने वाला और हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सामने आया है. इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के युवा और पढ़े-लिखे चेहरे माने जाने वाले विधायक अर्जुन चौटाला बीच सड़क पर रोहतक के एसपी गौरव राजपुरोहित से इस कदर भिड़ गए कि उन्होंने सारी मर्यादाएं लांघ दीं. गुस्से में लाल-पीले हुए अर्जुन चौटाला ने सरेआम आईपीएस अधिकारी को 'दफा हो जाओ' कह दिया और उन पर गाली देने के भी आरोप लग रहे हैं.
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3 घंटे के इंतजार के बाद भड़का इनेलो विधायक का गुस्सा
मिली जानकारी के अनुसार, अर्जुन चौटाला के नेतृत्व में इनेलो कार्यकर्ता बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करने और रोहतक डीसी को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे. लेकिन करीब 3 घंटे तक डीसी सचिन गुप्ता खुद ज्ञापन लेने नहीं आए. इससे नाराज कार्यकर्ता पहले दफ्तर के बाहर जमीन पर बैठ गए और बाद में उन्होंने मुख्य सड़क पर आकर चक्काजाम कर दिया.
काफी देर बाद जब स्थिति बिगड़ने लगी तो डीसी सचिन गुप्ता और एसपी गौरव राजपुरोहित मौके पर पहुंचे. लेकिन इसी दौरान बात इतनी बिगड़ गई कि अर्जुन चौटाला और एसपी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.
"दफा हो यहां से, क्या करेगा आजा..." वीडियो में कैद हुई बदतमीजी
वायरल हो रहे वीडियो में अर्जुन चौटाला बेहद गुस्से में रोहतक एसपी से कहते दिख रहे हैं, "अपनी ड्यूटी करनी है तो कर, मेरे को मत सिखा किससे और कैसे बात करनी है. क्या करेगा आजा तू... देखता हूं. अरे जा, दफा हो यहां से!".
इस तीखी नोकझोंक के दौरान वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मी यह भी कहते सुने गए कि 'गाली नहीं', जिसके बाद अब यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या विधायक ने पुलिस अधिकारियों के साथ गाली-गलौज भी की? मौके पर मौजूद डीसी सचिन गुप्ता ने किसी तरह एसपी का हाथ पकड़कर उन्हें पीछे किया और ज्ञापन लेकर मामले को शांत कराया.
विधायक अर्जुन चौटाला ने दी सफाई: "जैसा रवैया होगा, वैसा जवाब मिलेगा"
इस पूरे विवाद के बाद जब मीडिया ने अर्जुन चौटाला से उनके इस तीखे बर्ताव और तल्ख लहजे को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने इसे सही ठहराते हुए कहा, "इस सरकार के अफसरों के दिमाग में कुछ चीजें बैठ गई हैं. इन्हें लगता है कि ये पब्लिक के ऊपर बैठे हैं. जनता जिस दिन अपने मन पर आ गई, इन्हें सड़क पर रगड़ने का काम करेगी."
जब उनसे पूछा गया कि एसपी से आपकी बहस का तरीका गलत था, तो उन्होंने दो टूक कहा, "कोई भी हो, मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता. वो अपनी तमीज में रहें, अपनी हद में रहें. वो मुझे बताने वाले कोई नहीं होते कि मैं किससे कैसे बात करूं. जैसा उनका रवैया हमारे साथ होगा, हमारा रवैया भी उनके साथ वैसा ही होगा."
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