हरियाणा की राजनीति में डेरों और संतों का प्रभाव हमेशा से चर्चा का विषय रहा है. हाल ही में राम रहीम के बाद अब सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल के पास भी भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नलवा से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार संत रामपाल के सामने नतमस्तक होते दिखाई दे रहे हैं. इस मुलाकात के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है और इसे आगामी चुनावों के मद्देनजर वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
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भाजपा विधायक ने जमीन पर लेटकर किया दंडवत प्रणाम
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भाजपा विधायक रणधीर पनिहार संत रामपाल के चरणों में झुककर उन्हें दंडवत प्रणाम कर रहे हैं. वे काफी देर तक घुटनों के बल बैठकर हाथ जोड़े नजर आए. विधायक ने न केवल आशीर्वाद लिया, बल्कि संत रामपाल के प्रति अपनी गहरी आस्था भी व्यक्त की. पनिहार ने मुलाकात के दौरान कहा कि वे संत रामपाल के व्यक्तित्व और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों से अत्यंत प्रभावित हैं. उन्होंने इसे एक व्यक्तिगत मुलाकात बताते हुए कहा कि मानवता के नाते वे संत के आभारी हैं.
बाढ़ के दौरान मदद के लिए जताया आभार
विधायक रणधीर पनिहार ने इस मुलाकात का मुख्य कारण बाढ़ के दौरान संत रामपाल और उनके अनुयायियों द्वारा की गई मदद को बताया. विधायक के अनुसार, जब नलवा विधानसभा क्षेत्र के आधे से ज्यादा गांव पानी में डूबे हुए थे और लोग मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, तब संत रामपाल की टीम ने आगे आकर लोगों की सेवा की. उन्होंने कहा कि सरकार तो अपना काम कर ही रही थी, लेकिन सामाजिक तौर पर संत रामपाल ने जिस तरह से हाथ बंटाया, उससे इलाके के लोगों को बहुत बल मिला. पनिहार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी इस बात का जिक्र किया कि संत रामपाल ने संकट के समय उनकी व्यक्तिगत और इलाके की काफी मदद की है.
11 साल बाद जेल से बाहर आए हैं संत रामपाल
आपको बता दें कि संत रामपाल साल 2014 से देशद्रोह और अन्य गंभीर मामलों में हिसार की सेंट्रल जेल में बंद थे. करीब 11 साल बाद, बीती 10 अप्रैल को उन्हें जमानत मिली और वे जेल से बाहर आए हैं. फिलहाल वे सोनीपत जिले के धनाना स्थित अपने आश्रम में रह रहे हैं. कोर्ट की शर्तों के अनुसार, जमानत की अवधि के दौरान वे अपने घर पर ही रहेंगे और सार्वजनिक रूप से कोई बड़ा सत्संग नहीं कर सकेंगे. उन्हें हर पेशी पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होना होगा, और उनकी अगली पेशी 16 मई को निर्धारित है.
सियासी गलियारों में चर्चा और वोट बैंक पर नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा नेताओं का इस तरह संत रामपाल के दरबार में पहुंचना महज इत्तेफाक नहीं है. हरियाणा में संत रामपाल का एक बड़ा अनुयायी आधार है, जो चुनाव के समय निर्णायक भूमिका निभा सकता है. हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली का भी संत रामपाल से मिलने का वीडियो सामने आया था. बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के बाद स्थानीय पंचायतों, खापों और किसान संगठनों ने संत रामपाल को 'किसान रत्न' जैसे सम्मानों से नवाजा है. ऐसे में नेताओं की नजर अब उस मजबूत वोट बैंक पर टिकी है, जो संत के साथ जुड़ा हुआ है.
यहां देखें वीडियो
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