चंडीगढ़ के पॉश इलाके सेक्टर-9 में 18 मार्च को हुई प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पंजाब एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और हरियाणा एसटीएफ (STF) ने एक संयुक्त ऑपरेशन में कैथल के चौशाला गांव में दो मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है.
ADVERTISEMENT
कैथल के गांव में चलीं गोलियां
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी चौशाला गांव में छिपे हुए हैं. जब पुलिस की टीमों ने उन्हें सरेंडर करने को कहा, तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जो दोनों आरोपियों के पैरों में लगीं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम शाह के रूप में हुई है. राजन के पैर में तीन और प्रीतम के पैर में दो गोलियां लगी हैं.
मलेशिया से लौटा था मुख्य आरोपी
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राजन कुछ समय पहले ही मलेशिया से नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से भारत लौटा था. पुलिस ने उनके पास से दो-तीन पिस्तौल भी बरामद की हैं.
क्या थी पूरी घटना?
18 मार्च को चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में चमनप्रीत जब जिम से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी. इस सनसनीखेज हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर लकी पटियाल ने ली है. चमनप्रीत मुल्लांपुर के रहने वाले थे और पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे.
लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल
चंडीगढ़ जैसे सुरक्षित शहर के बीचों-बीच, जहां पुलिस मुख्यालय पास में ही है, वहां दिनदहाड़े ऐसी वारदात होना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. वारदात स्थल से पुलिस को खाली कारतूस भी मिले हैं और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली: उत्तम नगर में ईद और रामनवमी पर सुरक्षा का 'हाईकोर्ट अलर्ट', चप्पे-चप्पे पर पुलिस, सोशल मीडिया पर पैनी नजर
ADVERTISEMENT


