बामला गांव विवाद: दिग्विजय चौटाला ने दी सफाई, कहा- 'अपमान किया है तो प्रमाण लाएं, सजा भुगतने को तैयार हूं'

Digvijay Chautala statement: हरियाणा की राजनीति में बामला गांव विवाद को लेकर जेजेपी नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. दिग्विजय ने कहा कि अगर उन्होंने गांव का अपमान किया है तो प्रमाण सामने लाए जाएं, वह हर सजा भुगतने को तैयार हैं. जानिए बामला पंचायत विवाद, काले शीशे वाली गाड़ी वाले बयान और छात्र पंचायत पर दिग्विजय चौटाला की पूरी सफाई.

Digvijay Chautala statement
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न्यूज तक डेस्क

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जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने बामला गांव के लोगों द्वारा मांगी गई माफी और उनके खिलाफ सुनाए गए 'फरमान' पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. दिग्विजय चौटाला ने स्पष्ट किया कि उन्होंने बामला गांव का कोई अपमान नहीं किया है और वे इस पूरे मामले में अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं.

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क्या है बामला गांव का विवाद?

हाल ही में बामला गांव की पंचायत ने दिग्विजय चौटाला से माफी की मांग की थी. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने गांव को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की है. इस पर दिग्विजय ने कहा, 'बामला मेरा आदरणीय और सम्मानीय गांव है. इसे हम चौटाला गांव से भी पहले अपना गांव मानते हैं. कुछ राजनीतिक लोगों ने पंचायत को गुमराह करने का प्रयास किया है.' उन्होंने सवाल उठाया कि पंचायत ने फैसला सुनाने से पहले उनका पक्ष क्यों नहीं सुना.

काले शीशे वाली गाड़ी और एसपी का बयान

दिग्विजय ने उस घटना का जिक्र किया जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ. उन्होंने बताया, 'जब मैं बामला गांव को क्रॉस कर रहा था, तो एक काले शीशे वाली गाड़ी दूसरी तरफ से आकर हमारे आगे खड़ी हो गई और फिर चली गई. मैंने सिर्फ इस घटना को नोटिफाई किया था. क्या किसी संदिग्ध गाड़ी के बारे में बात करना गांव का अपमान है? अगर यह अपमान है, तो गांव वाले दोबारा पंचायत बुला लें और मुझे जो दंड देना चाहते हैं, दे दें.' उन्होंने इस संबंध में एसपी (SP) के ऑन-रिकॉर्ड बयान का भी हवाला दिया.

छात्र पंचायत और विश्वविद्यालयों की आजादी

हिसार में आयोजित छात्र पंचायत को लेकर दिग्विजय चौटाला ने कहा कि यह आयोजन छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालयों की आजादी के लिए किया है. पुलिस द्वारा धारा 144 (BNSS 163) लगाए जाने पर उन्होंने कहा कि प्रजातांत्रिक प्रणाली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सबको है. उन्होंने अपील की कि इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी छात्र संगठनों को मिलकर पंच परमेश्वर की तरह फैसला करना चाहिए.

नवीन जैन और राजनीतिक बयानबाजी

दिग्विजय ने नवीन जैन के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वे नवीन जैन का आदर करते हैं, लेकिन पता नहीं किसके बहकावे में आकर वे जहर उगल रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि सुभाष बराला के बेटे के समर्थन वाली उनकी बात योग्यता पर आधारित थी और उसका अन्य किसी खाप विवाद से कोई लेना-देना नहीं है.

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