हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जेजेपी (JJP) नेता दुष्यंत चौटाला ने हिसार में छात्रों की गिरफ्तारी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को रोकने के मामले में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. दुष्यंत ने इस पूरे घटनाक्रम को एक साजिश करार देते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी और डीजीपी (DGP) को इसका मास्टरमाइंड बताया है.
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'नायब सैनी और DGP दे रहे थे SP को निर्देश'
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि हिसार में जो कुछ भी हुआ, वह एक सोची-समझी साजिश थी. उन्होंने कहा, 'इस पूरे घटनाक्रम का अगर कोई मास्टरमाइंड है, तो वह मुख्यमंत्री और डीजीपी हैं, जो लगातार एसपी (SP) को निर्देश दे रहे थे.' दुष्यंत ने दावा किया कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत हैं जो यह साबित करेंगे कि पुलिस ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से काम किया. उन्होंने यह भी मांग की कि एसपी के मोबाइल का डेटा फ्रीज कर सार्वजनिक किया जाए ताकि पता चले कि उन्हें निर्देश कहां से मिल रहे थे.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
दुष्यंत ने हिसार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ एफआईआर (FIR) घटना से पहले ही दर्ज कर ली गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईए की टीमें सिविल ड्रेस में बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में घूम रही हैं और लोगों को डरा रही हैं. उन्होंने बताया कि किस तरह जेजेपी के पदाधिकारियों के घरों में घुसकर उनके परिजनों के सामने रिवॉल्वर तानी गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया. उन्होंने इसे पुलिस का गुंडा राज करार दिया.
'क्या सिविल वर्दी में हथियार ले जाना वैध है?'
दुष्यंत ने पुलिस ड्रेस रूल्स का हवाला देते हुए पूछा कि क्या सीआईए के अधिकारियों को सिविल कपड़ों में हथियार ले जाने और लोगों को रोकने का अधिकार है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और मोटर व्हीकल एक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस खुद कानून तोड़ रही है. उन्होंने जनता से भी अपील की कि अगर वे ऐसी कोई गाड़ी देखें जिसमें सिविल ड्रेस में पुलिसवाले हों, तो उसकी फोटो ट्वीट करें और 112 पर कॉल करें.
27 अप्रैल को हिसार में 'छात्र महापंचायत'
इस पूरे मामले के विरोध में दुष्यंत चौटाला ने 27 अप्रैल को हिसार के क्रांतिमान पार्क में 'छात्र महापंचायत' बुलाने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल उनकी नहीं, बल्कि प्रदेश के छात्रों और युवाओं के अधिकारों की है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से इस लड़ाई में साथ देने की अपील की है.
विपक्षी नेताओं का मिला समर्थन
दुष्यंत ने बताया कि इस मुद्दे पर उन्हें कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला है, जिनमें रंजीत सिंह, जयंत चौधरी और चंद्रशेखर आजाद शामिल हैं. उन्होंने बीजेपी नेता बीरेंद्र सिंह का भी धन्यवाद किया जिन्होंने निष्पक्ष जांच की बात कही है. दुष्यंत ने साफ किया कि वे इस मामले को लेकर हाई कोर्ट गए हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.
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