Gurugram Hit and Run Case: हरियाणा के गुरुग्राम में एक महिला बाइकर को थार गाड़ी से टक्कर मारने और भागने के मामले ने पूरे देश में तूल पकड़ लिया है. इस दर्दनाक और खौफनाक रोड रेज की घटना पर देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. 'हरियाणा तक' से खास बातचीत में किरण बेदी ने आरोपी कल्याण बैंसला जैसे सिरफिरे चालकों से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन को सख्त सुझाव दिए हैं.
किरण बेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में सड़कों पर चलने वाले ऐसे लोगों के मन से कानून का डर पूरी तरह से खत्म हो चुका है. जब तक चालकों के मन में पकड़े जाने और जेल जाने का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं.
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किरण बेदी ने उठाई ईगो और मानसिकता पर उंगली
हादसे का विश्लेषण करते हुए किरण बेदी ने कहा कि इस घटना के पीछे की एक मुख्य वजह पुरुषवादी ईगो (अहंकार) भी है. आरोपी यह बर्दाश्त नहीं कर सका कि एक महिला बाइकर उसके साथ स्पीड में चल रही है या उससे आगे निकल रही है. इसी ईगो को दिखाने के लिए उसने महिला की बाइक में पीछे से टक्कर मार दी.
किरण बेदी ने आरोपी को बुजदिल और कानून से बेखौफ बताते हुए कहा कि हादसा करने के बाद वह वहां से भाग निकला. फिर खुद को बचाने के लिए हाथ में पट्टी बांध ली और गाड़ी का नंबर प्लेट भी तुड़वा दिया ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके.
अमेरिकी पुलिस की तर्ज पर दिया ये सुझाव
हादसों पर रोक लगाने के लिए किरण बेदी ने भारत में भी अमेरिकी पुलिसिंग मॉडल को अपनाने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि जैसे अमेरिका में ओवरस्पीडिंग या गुंडागर्दी करने वालों को पीछे से आकर इंटरसेप्टर से तुरंत रोका जाता है और पहले हथकड़ी लगाकर गाड़ी-लाइसेंस जब्त किया जाता है, वैसा ही खौफ भारत में भी पैदा करना होगा.
उन्होंने सुझाव दिया कि दिल्ली, हरियाणा और यूपी पुलिस को आपस में कैमरे और कंट्रोल रूम नेटवर्क से जुड़ना चाहिए. अगर कोई संदिग्ध या तेज रफ्तार गाड़ी काले शीशे के साथ किसी एक राज्य की सीमा से निकलती है, तो तुरंत मैसेज भेजकर उसे रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया जाए.
गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई पर क्या कहा?
किरण बेदी ने गुरुग्राम पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर (हत्या के प्रयास) की धारा लगाने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिल्कुल सही धाराएं लगाई हैं क्योंकि इस तरह से टक्कर मारना जानलेवा साबित हो सकता था.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर महिला बाइकर के हेलमेट या बाइक पर कैमरा न होता तो आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत भी नहीं मिल पाते. इसलिए नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़कों पर हाई-टेक कैमरों का जाल बिछाना और त्वरित पुलिस एक्शन ही ऐसी घटनाओं पर हमेशा के लिए लगाम लगा सकता है.
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