साइबर सिटी गुरुग्राम के ग्रामीण इलाके से एक ऐसा सड़क हादसा सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. 27 मार्च की रात लोकरा-खोड गांव रोड पर एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने पैदल जा रहे तीन लोगों को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में 60 वर्षीय सुभाष और उनके दो मासूम नाती 10 साल का ईशांत और 8 साल का जैद खान शामिल हैं. इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और कोर्ट से मिली जमानत ने अब न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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सैर पर निकले थे दादा और दो मासूम पोते
हादसे का शिकार हुए दोनों बच्चे, ईशांत और ज़ैद, अपनी स्कूल की छुट्टियों में अपने मामा के घर खोड गांव आए हुए थे. शुक्रवार की रात वे अपने नाना सुभाष के साथ पैदल टहलते हुए घर लौट रहे थे. इसी दौरान पीछे से आ रही एक बेकाबू थार गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भयानक थी कि तीनों करीब 30 फीट दूर जाकर गिरे और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया. हादसे के बाद थार सवार मौके से फरार हो गया था.
गिरफ्तारी के महज 24 घंटे में आरोपी को मिली जमानत
पुलिस ने मामले की तफ्तीश करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर थार गाड़ी की पहचान की और 25 वर्षीय आरोपी ड्राइवर दीपांशु को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया. गाड़ी दीपांशु के एक दोस्त के नाम पर पंजीकृत थी. हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि गिरफ्तारी के महज 24 घंटे के भीतर यानी रविवार को ही अदालत ने दीपांशु को जमानत दे दी. जैसे ही मृतकों के परिजनों को आरोपी के जेल से बाहर आने की खबर मिली, उनका गुस्सा फूट पड़ा.
सीसीटीवी में कैद है गुनाह, फिर भी मिली बेल
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह तेज रफ्तार थार ने तीनों को रौंदा है. पुलिस का कहना है कि जमानत कोर्ट ने दी है, इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है. कानूनी जानकारों और आम जनता के बीच अब यह चर्चा का विषय है कि तीन लोगों की जान लेने वाले और मौके से फरार होने वाले आरोपी को इतनी जल्दी जमानत किस आधार पर मिल गई. क्या यह हमारे कानूनी सिस्टम का कोई 'लूपहोल' है जिसका फायदा आरोपी को मिला?
परिजनों का सवाल- हमें न्याय कब मिलेगा?
मृतक सुभाष के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. उनका कहना है कि जिन बच्चों के साथ वे छुट्टियां बिताने का सपना देख रहे थे, उनकी लाशें घर पहुंचीं. परिवार अब वकीलों के माध्यम से यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर किन ग्राउंड्स पर दीपांशु को बेल मिली है. फिलहाल, गुरुग्राम पुलिस और कानूनी टीम इस मामले की आगे की पड़ताल कर रही है, लेकिन 24 घंटे के अंदर मिली जमानत ने लोगों के मन में न्याय प्रणाली के प्रति कई संदेह पैदा कर दिए हैं.
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