राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुरुग्राम से एक बेहद दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक कंपनी के सेल्स मैनेजर की उसकी ही पूर्व महिला सहकर्मी और उसके लिव-इन पार्टनर ने मिलकर बेहद खौफनाक तरीके से हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपियों ने शव को करीब 7 घंटे तक अपनी कार में ही घुमाया और फिर ठिकाने लगा दिया. इस सनसनीखेज खुलासे से हर कोई हैरान है.
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शादी की शॉपिंग के बीच से अचानक निकला था युवक
गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित अडानी रियलिटी कंपनी में युवराज नाम का युवक मैनेजर के पद पर कार्यरत था. इसी साल युवराज की शादी होने वाली थी और बीती 6 सितंबर को वह अपनी बहन हरसिमरन मनचंदा के साथ दिल्ली के लाजपत नगर में शादी की शॉपिंग करने गया था. शॉपिंग के बाद दोनों लाजपत नगर-2 स्थित एक रेस्टोरेंट में पहुंचे. शाम करीब 4:00 बजे युवराज ने अपनी बहन से कहा कि उसकी गुरुग्राम में एक जरूरी मीटिंग है और वह रात करीब 10:00 बजे तक वापस लौट आएगा. इसके बाद वह दिल्ली से गुरुग्राम के लिए निकला, लेकिन फिर कभी जिंदा वापस नहीं लौटा.
ऐसे हुई वारदात और कार में 7 घंटे तक रखी डेडबॉडी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरुग्राम पहुंचने पर युवराज की मुलाकात उसकी पूर्व ऑफिस कलीग आन्या वत्स से हुई. दोनों एक मॉल के बाहर मिले, जिसके बाद युवराज अपनी गाड़ी छोड़कर आन्या की क्रेटा कार में बैठ गया. इसी दौरान दोनों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर तीखा विवाद हुआ. विवाद इतना बढ़ा कि आन्या वत्स ने अपनी क्रेटा कार के अंदर ही युवराज की गर्दन में दो गोलियां दाग दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के वक्त आन्या के साथ उसका लिव-इन पार्टनर संयम सचदेवा भी वहीं मौजूद था. हत्या के बाद दोनों घबरा गए और युवराज के शव को लगभग 7 घंटे तक अपनी कार में ही रखकर यह सोचते रहे कि इसे कहां ठिकाने लगाया जाए. कोई ठिकाना न मिलने पर उन्होंने शव को गुरुग्राम के सेक्टर-70 के एक नाले में फेंक दिया और उत्तराखंड फरार हो गए.
कॉल डिटेल्स और तकनीकी सर्विलांस से खुला राज
युवराज के घर न लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इस बीच दिल्ली पुलिस को सूचना मिली कि गुरुग्राम में एक अज्ञात युवक का शव मिला है. जब पुलिस ने तस्वीरें परिजनों को दिखाईं, तो उन्होंने मृतक की पहचान युवराज के रूप में की. पुलिस ने जब युवराज की कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की, तो आन्या वत्स और उसके पार्टनर संयम सचदेवा के बारे में सुराग मिला. पुलिस को यह भी पता चला कि आन्या एक नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रही थी. इसके बाद पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करते हुए दोनों आरोपियों को उत्तराखंड (हरिद्वार) से धर दबोचा.
आपसी रंजिश और वित्तीय लेनदेन की आशंका
पुलिस के अनुसार, आन्या वत्स और युवराज पहले 'एमआर' कंपनी में साथ काम करते थे. साल 2022 में वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों के चलते कंपनी ने आन्या को नौकरी से निकाल दिया था, जबकि युवराज उससे पहले ही कंपनी छोड़ चुके थे. दोनों के बीच कुछ पुराने अनसुलझे वित्तीय लेनदेन भी थे. परिजनों का आरोप है कि आन्या तभी से युवराज को परेशान कर रही थी. फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट से 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है और मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है.
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