Hansi News: हरियाणा के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सूबे के मुखिया नायब सैनी नए जिले हांसी में ध्वजारोहण करने पहुंचे. हालांकि, सुबह के समय ही ग्रामीणों और किसानों ने सीएम के इस कार्यक्रम का विरोध करना शुरू कर दिया. विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखा टकराव हो गया. देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और जवाब में प्रदर्शनकारियों की तरफ से पथराव भी हुआ. इस स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कार्यक्रम स्थल के आसपास भारी सख्ती बरती और कई लोगों को बाहर ही रोक दिया.
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जानें क्यों कर रहे थे विरोध?
इस पूरे विरोध प्रदर्शन और हंगामे की जड़ हिसार में हुई एक हत्या की घटना से जुड़ी हुई है. हिसार में 4 अगस्त को डेयरी संचालक जीवन कुंडू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के मामले में पुलिस अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी रमेश अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है. किसान और खाप प्रतिनिधि मुख्य आरोपी रमेश की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
विरोध में 7 प्रमुख टोल प्लाजा किए गए थे बंद
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी से किसानों और खाप प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है. इसी नाराजगी के चलते बीते दिन प्रदर्शनकारियों ने इलाके के 7 प्रमुख टोल प्लाजा को दोपहर 2:00 बजे तक बंद रखा था. इनमें हिसार का लाढ़ौत, चौधरी बास, हांसी का रामायण बांस और रोहतक के मकड़ौली व चांदी टोल प्लाजा शामिल थे. टोलबंदी के दौरान कई जगहों पर वाहन चालकों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस की तस्वीरें भी सामने आईं. कुछ जगहों पर किसान हाथ जोड़कर चालकों को समझाते नजर आए, तो कुछ जगहों पर तनाव का माहौल बना रहा.
सिसाई पुल पर पुलिस लाठीचार्ज और पथराव
टोलबंदी के बाद 15 अगस्त को सीएम नायब सैनी का कार्यक्रम रोकने जा रहे किसानों को पुलिस ने सिसाई पुल पर रोक लिया. यहीं पर पुलिस और किसानों के बीच झड़प शुरू हो गई. सिचुएशन को संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई किसानों के सिर फूट गए. अचानक हुए लाठीचार्ज के बाद मौके पर भगदड़ मच गई और विरोध करने आई महिलाएं जान बचाने के लिए आसपास की दुकानों में छिप गईं.
एसपी और डीएसपी हुए चोटिल, पुलिस ने भी किया पथराव
पुलिस कार्रवाई के जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पथराव करना शुरू कर दिया. इस पथराव की चपेट में आने से हांसी के एसपी विनोद कुमार और एक डीएसपी घायल हो गए. एसपी के हाथ में पत्थर लगने से चोट आई, जिसके बाद उन्होंने अपने हाथ पर रुमाल बांधकर खून रोका. पथराव के बाद पुलिस प्रशासन की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई और इलाके से भीड़ को खदेड़ दिया गया.
कड़े सुरक्षा घेरे के बीच संपन्न हुआ ध्वजारोहण
एक तरफ जहां सिसाई पुल पर पुलिस और किसानों के बीच पथराव और लाठीचार्ज चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ हांसी के राजकीय कॉलेज में सीएम नायब सैनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचे. कॉलेज के मुख्य गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी अंदर प्रवेश न कर सके. सीएम ने इसी सुरक्षा घेरे के बीच ध्वजारोहण किया. हालांकि, लाठीचार्ज और पथराव के बाद भी इलाके में किसानों का विरोध लगातार जारी है.
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