Haryana: रेवाड़ी में रसोई गैस के लिए हाहाकार, एजेंसी के बाहर लगी लंबी कतारें, लोगों ने लगाया ब्लैक में सिलेंडर बेचने का आरोप

रेवाड़ी में गैस सिलेंडर के लिए भारी किल्लत मची हुई है, जहाँ लोग सुबह 8 बजे से लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों ने गैस एजेंसियों पर कालाबाजारी और शादियों में सिलेंडर सप्लाई करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

हरियाणा न्यूज
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देशराज सिंह चौहान

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हरियाणा के रेवाड़ी जिले में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गैस की कालाबाजारी की जा रही है और घरेलू सिलेंडरों को ब्लैक में शादियों और अन्य व्यावसायिक कार्यक्रमों में भेजा जा रहा है.

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सुबह 8 बजे से लाइन में लगे लोग, फिर भी नहीं मिल रही गैस

रेवाड़ी की गैस एजेंसियों के बाहर पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी भारी भीड़ देखी जा रही है. लाइन में खड़े लोगों का कहना है कि वे सुबह 8 बजे से कतार में लगे हैं, लेकिन दोपहर होने तक भी उनका नंबर नहीं आया. कुछ लोग तो पिछले दो-तीन दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं. एक पूर्व सैनिक (एक्स-मैन) ने बताया कि वे पैराशूट कमांडो रह चुके हैं और पैर में चोट होने के बावजूद घंटों से खड़े हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. 

ब्लैक में सिलेंडर बेचने के गंभीर आरोप

जनता का सीधा आरोप है कि एजेंसी संचालक और सप्लायर मिलीभगत कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि आम जनता को 'स्टॉक खत्म' होने की बात कही जाती है, जबकि शादियों और समारोहों में गैस सिलेंडर ब्लैक में धड़ल्ले से पहुँचाए जा रहे हैं. एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि बुकिंग होने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया गया, जबकि ब्लैक में अधिक दाम देने वालों को आसानी से गैस मिल रही है. 

चूल्हा जलाने तक की नौबत, महिलाएं परेशान

गैस न मिलने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है. कतार में खड़ी महिलाओं ने बताया कि घर में सिलेंडर खत्म हो चुका है और बच्चों के लिए खाना बनाना मुश्किल हो गया है. कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है. किराए पर रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और भी खराब है, क्योंकि कई मकान मालिक घर में लकड़ी जलाने की अनुमति नहीं देते. 

एजेंसी के गेट बंद, जनता में बढ़ रहा है आक्रोश

भीड़ और हंगामे की स्थिति को देखते हुए कई जगह एजेंसियों ने अपने गेट बंद कर दिए हैं, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है. उपभोक्ताओं का कहना है कि फोन पर बुकिंग नहीं हो रही और जब वे एजेंसी पहुंचते हैं, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता. लोगों में इस बात का डर भी सता रहा है कि कहीं आने वाले दिनों में हालात और खराब न हो जाएं. 

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