हरियाणा के पानीपत से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आधुनिक समाज की सोच पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है. आज के इस दौर में जहां बड़ी-बड़ी कंपनियां योग्यता और टैलेंट को सबसे ऊपर रखने का दावा करती हैं, वहीं पानीपत की एक कंपनी पर सिर्फ और सिर्फ जाति के आधार पर एक चुने हुए युवक को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाने का बेहद गंभीर आरोप लगा है. पानीपत के बाबरपुर मंडी के रहने वाले पीड़ित युवक रिजुल कुमार ने आरोप लगाया है कि उसे उसकी काबिलियत की वजह से नहीं, बल्कि उसकी अनुसूचित जाति (SC) कैटेगरी होने के कारण अपमानित करके नौकरी से निकाला गया है. इस घटना के बाद से पीड़ित युवक गहरे मानसिक तनाव में है.
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दो-दो इंटरव्यू पास फिर जीएम ने पूछ ली जाति
पीड़ित रिजुल कुमार के अनुसार, पानीपत जीटी रोड स्थित 'इला होम फैशन' (Ila Home Fashion) नाम की एक नामी कंपनी में उसका चयन बाकायदा एचआर (HR) पोस्ट के लिए हुआ था. रिजुल ने अपनी योग्यता के दम पर कंपनी के दो बेहद कठिन इंटरव्यू पास किए थे, जिसके बाद उसकी पोस्ट, वर्किंग प्रोफाइल और सैलरी सब कुछ फाइनल कर दी गई थी. तीन दिन बाद रिजुल को कंपनी प्रबंधन द्वारा एक औपचारिकता (फॉर्मेलिटी) के तहत कंपनी के जनरल मैनेजर यानी जीएम वीके कुंड से मिलने के लिए केबिन में बुलाया गया. रिजुल का आरोप है कि केबिन में जाने के बाद जीएम ने उसकी योग्यता, शिक्षा या पुराने अनुभव के बारे में कोई बात नहीं की, बल्कि सीधे उसकी जाति पूछ ली.
'हम छोटी जात वालों'... ये कहकर निकाला बाहर
जब रिजुल कुमार ने जीएम के पूछने पर अपनी जाति बताई और कहा कि वह अनुसूचित जाति (SC) कैटेगरी से संबंध रखता है, तो जीएम ने उसे वहीं पर कुछ जातिसूचक शब्द कहे. इसके करीब दो घंटे बाद रिजुल के पास कंपनी की तरफ से एक फोन आया, जिसमें कहा गया, "आई एम सॉरी, हम आपको नौकरी पर नहीं रख सकते क्योंकि आप एससी (SC) हैं और यह हमारी कंपनी की पॉलिसी के दायरे में नहीं आता है". रिजुल जब दोबारा कंपनी गया और जीएम से कहा कि आप मेरा काम और मेरी योग्यता देखिए, जाति के आधार पर भेदभाव क्यों कर रहे हैं? तो जीएम ने साफ शब्दों में कह दिया कि हम जाति देखकर ही स्टाफ रखते हैं, हम छोटी जात वालों को अपने बराबर में कुर्सी से कुर्सी मिलाकर नहीं बिठा सकते हैं.
कंपनी मालिक की मां ने धक्के देकर निकाला बाहर
इस भयानक अपमान को सहने के बाद रिजुल कुमार अगले दिन अपनी सगी बहन को साथ लेकर दोबारा कंपनी के दफ्तर पहुंचा ताकि वह नौकरी से हटाए जाने का आधिकारिक कारण जान सके. रिजुल का आरोप है कि वहां कंपनी के ओनर दिवेश गुप्ता की मां और जीएम वीके कुंड दोनों मौजूद थे. जब रिजुल ने अपनी बात रखनी चाही, तो मालिक की मां ने सीधे लहजे में कहा कि हम तो जाति पूछेंगे भी और जाति के आधार पर ही नौकरी देंगे, तुम्हें जो करना है कर लो. इसी बीच कंपनी के सीनियर एचआर सोनू वहां आए और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इन छोटी जात वालों को यहां क्यों बिठा रखा है. आरोप है कि देखते ही देखते फैक्ट्री के करीब 50 कर्मचारी वहां आ गए और जीएम व सीनियर एचआर ने रिजुल और उसकी बहन के साथ हाथापाई शुरू कर दी और उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया.
शिकायत दर्ज, पुलिस ने कहा- गंभीरता से की जाएगी पूरी जांच
फैक्ट्री के भीतर खुद पर और अपनी बहन पर हुए इस कथित हमले के बाद पीड़ित रिजुल कुमार ने तुरंत पुलिस थाना 13-17 में संपर्क किया और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई. रिजुल ने कंपनी के जीएम वीके कुंड, सीनियर एचआर सोनू और कंपनी मालिक दिवेश गुप्ता की मां के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है. इस शिकायत में जातिसूचक शब्दों से सरेआम अपमानित करने, छुआछूत-भेदभाव करने और भाई-बहन के साथ मारपीट व हाथापाई करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं. वहीं मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि शिकायत मिल चुकी है, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी बहुत ही गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
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