Arjun Chautala Rohtak SP controversy: हरियाणा के रोहतक में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन और इनेलो नेता अर्जुन चौटाला के बीच हुआ विवाद अब पूरी तरह गरमा गया है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और नेताओं की बयानबाजी के बीच अर्जुन चौटाला ने 'हरियाणा तक' से खास बातचीत में इस पूरे वाकये पर अपनी सफाई दी है. एसपी को अपशब्द कहने के आरोपों पर पलटवार करते हुए अर्जुन ने अफसरों को अपनी सीमा और प्रोटोकॉल में रहने की सख्त हिदायत दे डाली है.
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"मेरा प्रोटोकॉल SP और DC दोनों से ऊपर आता है"
इंटरव्यू के दौरान जब अर्जुन चौटाला से रोहतक में हुए हंगामे को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "देखिए जी, मैं एक पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव (जनप्रतिनिधि) हूं और मेरा प्रोटोकॉल चाहे वो एसपी हो या डीसी, दोनों से ऊपर आता है. इसके बावजूद मैं खुद डीसी से बात कर रहा था, उन्हें ज्ञापन सौंप रहा था. लेकिन अगर एसपी बीच में आकर मेरे साथ बदतमीजी करेगा, तो मैं वो बदतमीजी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करूंगा."
"राज की जूती बहुत चिकनी होती है..."
अफसरों को दी चेतावनी अर्जुन चौटाला यहीं नहीं रुके, उन्होंने तीखे लहजे में अफसरों के रवैये पर सवाल खड़े किए और कहा कि कुछ अफसर खुद को सरकार से भी बड़ा समझते हैं. उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा, "मैं तो एक ही चीज बताना चाहूंगा, ये जो राज की जूती है ना, ये बहुत चिकनी होती है. आज तो आप (अफसर) गेट नहीं खोल रहे, पता नहीं कौन सा दिन आ जाए कि आपको चौधरी अभय सिंह चौटाला जी के द्वार पर भी खड़ा होकर सैल्यूट मारना पड़ सकता है." उन्होंने नसीहत दी कि जिस तरह नेताओं को घमंड नहीं करना चाहिए, उसी तरह अफसरों को भी अपनी औकात नहीं भूलनी चाहिए, क्योंकि वे जनता के सेवक हैं.
रोहतक में ढाई घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
वाकये का जिक्र करते हुए अर्जुन चौटाला ने बताया कि वे और उनके समर्थक करीब ढाई घंटे तक धूप में धरने पर बैठे रहे, जिसके बाद डीसी ज्ञापन लेने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि पुलिस का काम लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करना है. अगर डीसी कहते हैं कि हमें अरेस्ट करो, तो करो. लाठीचार्ज करना है, तो करो. लेकिन एसपी बीच में दखल देने वाले और तमीज सिखाने वाले कौन होते हैं? अर्जुन ने सवाल उठाया, "व्हाई इज ही इंटरफेयरिंग? रोहतक में सब ठीक है तो वो जाकर अपना जिला संभालें, हमें सीख देने की जरूरत नहीं है."
सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
जब अर्जुन चौटाला से पूछा गया कि क्या इस प्रदर्शन से तेल के दाम कम होंगे और सरकार सुनेगी? इस पर उन्होंने कहा कि अगर सरकार प्यार से नहीं सुनेगी, तो हम घर बैठने वाले लोग नहीं हैं. इनेलो ने पहले भी बुजुर्गों की पेंशन काटने के फैसले और मंडियों की टाइमिंग को लेकर सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया है. अगर इस बार भी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सड़कों पर बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे.
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