संजय भाटिया vs कर्मवीर बौद्ध...हरियाणा राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ऐसे बिगाड़ सकती है कांग्रेस का खेल, जानिए पूरा अंक गणित

Haryana Rajya Sabha Election 2026: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में सस्पेंस खत्म हो गया है. कांग्रेस ने नामांकन के आखिरी दिन सबको चौंकाते हुए कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं बीजेपी ने संजय भाटिया पर भरोसा जताया है. जानिए कौन हैं कर्मवीर बौद्ध और क्या बीजेपी कोई बड़ा 'खेला' कर पाएगी?

Haryana Rajya Sabha Election 2026
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आशीष कुमार झा

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Karmveer Singh Baudh Congress: हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस ने अपने पत्ते खोलते हुए कर्मवीर सिंह बौद्ध के नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया. लंबे समय से चल रहे मंथन और उदयभान, जयवीर वाल्मीकि व अशोक तंवर जैसे बड़े नामों पर चर्चा के बाद पार्टी ने एक संतुलित चेहरे के रूप में कर्मवीर सिंह को चुना है. कर्मवीर सिंह बौद्ध का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह किसी खास गुट से नहीं जुड़े हैं जिससे पार्टी में एकजुटता दिखने की उम्मीद है.

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कौन हैं कर्मवीर सिंह बौद्ध?

अंबाला के रहने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आते हैं. उनका करियर काफी प्रभावशाली रहा है; वह हरियाणा विधानसभा के सचिव रह चुके हैं और 5 साल पहले हरियाणा सिविल सचिवालय से सुपरिंटेंडेंट के पद से रिटायर हुए थे. 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुलाना सीट से टिकट की दावेदारी पेश की थी, लेकिन तब पार्टी ने पूजा चौधरी को मौका दिया था. अब राज्यसभा भेजकर कांग्रेस ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. वह 'संविधान बचाओ अभियान' में भी काफी सक्रिय रहे हैं और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है.

बीजेपी के उम्मीदवार संजय भाटिया का कद

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व सांसद संजय भाटिया को अपना प्रत्याशी बनाया है. संजय भाटिया करनाल लोकसभा सीट से रिकॉर्ड तोड़ वोटों से जीत दर्ज करने के लिए जाने जाते हैं. उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद करीबी माना जाता है और वह संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. कॉलेज के दिनों से ही एबीवीपी से जुड़े रहे भाटिया की पानीपत और करनाल क्षेत्र में मजबूत पकड़ है. बीजेपी ने उनके अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए राज्यसभा के रण में उतारा है.

राज्यसभा चुनाव का क्या है गणित?

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 31 वोटों की आवश्यकता होती है. आंकड़ों पर नजर डालें तो:

  • बीजेपी: 48 विधायक
  • कांग्रेस: 37 विधायक
  • इनेलो: 2 विधायक
  • निर्दलीय: 3 विधायक

मौजूदा स्थिति में बीजेपी और कांग्रेस दोनों के पास अपने-अपने एक उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है. बीजेपी के पास अपने उम्मीदवार संजय भाटिया को जिताने के बाद 17 वोट बचेंगे, जबकि कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, जो जीत के आंकड़े (31) से 6 अधिक हैं.

क्या 'खेला' कर सकती है बीजेपी?

चर्चा इस बात की भी है कि क्या बीजेपी किसी निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देकर कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकती है? गणित कहता है कि अगर बीजेपी निर्दलीयों और इनेलो को साथ ले भी ले, तो भी उसका आंकड़ा 22 तक ही पहुंचेगा. कांग्रेस उम्मीदवार को हराने के लिए बीजेपी को कांग्रेस के कम से कम 9 विधायकों से क्रॉस वोटिंग करवानी होगी, जो फिलहाल नामुमकिन नजर आता है. ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों दलों के खाते में एक-एक सीट आसानी से जा सकती है.

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