हरियाणा राज्यसभा चुनाव में 'खेला': सतीश नांदल की सरप्राइज एंट्री, क्या हुड्डा के गढ़ में सेंध लगाएगी बीजेपी?

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में सतीश नांदल की निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में एंट्री ने हुड्डा और कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जानिए देवेंद्र काद्यान और सावित्री जिंदल के समर्थन के पीछे का असली सियासी खेल.

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हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार की एंट्री ने मचाया हलचल.

सोनिया सत्यानीता

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हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण मोड़ पर आ गया है. नामांकन के आखिरी दिन अचानक सतीश नांदल की बतौर निर्दलीय उम्मीदवार एंट्री ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है. सतीश नांदल को तीन निर्दलीय विधायकों- सावित्री जिंदल, देवेंद्र काद्यान और राजेश जून के साथ-साथ भाजपा के सात विधायकों का समर्थन मिला है, जिससे कांग्रेस के समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं. 

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हुड्डा के पुराने प्रतिद्वंद्वी हैं सतीश नांदल 

सतीश नांदल का राजनीति में भूपेंद्र सिंह हुड्डा से पुराना मुकाबला रहा है. उन्होंने 2014 में इनेलो और 2019 में भाजपा के टिकट पर गढ़ी सांपला-किलोई सीट से हुड्डा के खिलाफ चुनाव लड़ा था. अब राज्यसभा के रण में उनकी एंट्री को हुड्डा कैंप के लिए बड़ी सिरदर्दी माना जा रहा है. चर्चा है कि दिल्ली में बैठे एक प्रभावशाली केंद्रीय मंत्री के इशारे पर सतीश नांदल को मैदान में उतारा गया है.

निर्दलीय विधायकों की एकजुटता और 'मास्टर प्लान' 

गन्नौर से निर्दलीय विधायक देवेंद्र काद्यान इस पूरे मामले में सूत्रधार बनकर उभरे हैं. उन्होंने कहा, "हमने तय किया है कि निर्दलीयों की आवाज दिल्ली तक पहुंचे. हमने सतीश नांदल जी को मनाया है कि जब हम निर्दलीय विधायक बन सकते हैं, तो वे राज्यसभा क्यों नहीं जा सकते." देश की सबसे अमीर महिला सावित्री जिंदल और विधायक राजेश जून ने भी नांदल की जीत का दावा करते हुए कहा कि वे भाजपा, कांग्रेस और इनेलो सभी से वोट मांगेंगे. 

कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंका? 

सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा कर्मवीर सिंह बोध को उम्मीदवार बनाए जाने से पार्टी का एक धड़ा नाराज है. भाजपा और निर्दलीय विधायक इसी नाराजगी का फायदा उठाकर क्रॉस वोटिंग की तैयारी में हैं. भाजपा ने अपने सभी विधायकों को 14 से 16 मार्च तक चंडीगढ़ में रहने का निर्देश दिया है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि भीतर ही भीतर कोई 'बड़ा खेला' रचा जा रहा है.

करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं नांदल 

सतीश नांदल पेशे से सिविल इंजीनियर हैं और रियल एस्टेट बिजनेस से जुड़े हैं. 2019 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके परिवार की चल-अचल संपत्ति करीब 30 करोड़ रुपये से अधिक थी. अब इनेलो के विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिशें भी जारी हैं. अगर समीकरण बैठे, तो कांग्रेस उम्मीदवार की राह मुश्किल हो सकती है. 

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