राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर एक बार फिर देश की सियासत और बड़े जन-आंदोलन का केंद्र बनने जा रहा है. हमारी सहयोगी वेबसाइट हरियाणा तक (Haryana Tak) की एक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जंतर-मंतर पर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन को अब एक नए और बड़े स्वरूप में ढालने की तैयारी पूरी हो चुकी है. आंदोलनकारियों ने खुले तौर पर ऐलान किया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का 'सीजन 2' (Season 2) बहुत जल्द शुरू होने जा रहा है.
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हरियाणा तक की रिपोर्ट में आंदोलन के प्रमुख चेहरे और प्रतिनिधियों ने खुलासा किया है कि शुरुआत में जो बैठकें बहुत सीमित और छोटे स्तर पर हो रही थीं, वे अब जनता के भारी समर्थन के चलते एक बड़े 'पब्लिक इवेंट' का रूप ले चुकी हैं. जैसे-जैसे देश के कोने-कोने से वॉलिंटियर्स और युवा इस मुहिम से जुड़ रहे हैं, आंदोलन का दायरा और ज्यादा व्यापक होता जा रहा है.
जितना दबाओगे, आवाज उतनी ही बुलंद होगी
रिपोर्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों और आंदोलन के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. प्रतिनिधियों ने प्रशासन और सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता की जायज मांगों को दबाने की चाहे जितनी भी कोशिशें कर ली जाएं, उनका असर उल्टा ही होगा. प्रदर्शनकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "जितना हमारी आवाज को दबाने की कोशिश की जाएगी, हमारी आवाज उतनी ही ऊंची होती जाएगी. प्रशासन को यह समझ में नहीं आ रहा है कि लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखने लगा है." उन्होंने यह भी कहा कि अगर यही रवैया रहा, तो देश का हर नागरिक अपने-अपने इलाकों में जंतर-मंतर जैसे विरोध स्थल खड़े करने के लिए मजबूर हो जाएगा.
'सीजन 2' के मुख्य मुद्दे और मांगें
सोशल मीडिया पर लगातार पूछे जा रहे सवालों (जैसे कि जंतर-मंतर आंदोलन का अगला चरण कब शुरू होगा) का जवाब देते हुए प्रतिनिधियों ने अपनी भावी रणनीति को स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि 'सीजन 2' पहले से कहीं अधिक आक्रामक और रणनीतिक होगा.
- प्रधानमंत्री मोदी का इस्तीफा: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस नए चरण (सीजन 2) की सबसे प्रमुख मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा होगी.
- EVM हटाने का मुद्दा: देश की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आंदोलनकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को पूरी तरह हटाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को जोर-शोर से उठाने का संकल्प लिया है.
- जनता से जुड़ने का अभियान: सोशल मीडिया (खासकर Instagram और Facebook) पर मिले भारी समर्थन को देखते हुए देशभर के युवाओं को इस आंदोलन में भौतिक रूप से शामिल करने की योजना बनाई जा रही है.
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