हिसार: 15 दिन बाद हुआ जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार, अंतिम विदाई में पहुंची 36 बिरादरी और हरियाणा की खापें

राहुल यादव

19 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 19 2026 10:26 AM)

Jeevan Kundu Murder Case Hisar: हिसार के सूर्य नगर में हुई जीवन कुंडू की हत्या के 15 दिन बाद उनके पैतृक गांव किनाला में अंतिम संस्कार कर दिया गया. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ संघर्ष समिति की वार्ता में सहमति बनने और हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई के बाद 11 साल के मासूम बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी.

15 दिन बाद हुआ जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार
15 दिन बाद हुआ जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार
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Jeevan Kundu Antim Sanskar: हरियाणा के हिसार जिले के सूर्य नगर इलाके में 4 अगस्त को सरेआम निर्मम तरीके से मार डाले गए जीवन कुंडू का 15 दिन बाद मंगलवार को उनके पैतृक गांव किनाला में अंतिम संस्कार कर दिया गया. बता दें कि 15 दिन तक शव को न्याय की मांग को लेकर परिजनों और किसान संगठनों ने रोके रखा था. जीवन के 11 वर्षीय बेटे रिशु ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी. इस दौरान पूरा गांव और श्मशान घाट 'जीवन कुंडू अमर रहे' के नारों से गूंज उठा तथा वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.

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सीएम नायब सैनी से वार्ता के बाद बनी बात

आपको बता दें कि 4 अगस्त को हुई इस हत्या के बाद से ही परिजनों, खाप पंचायतों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले लगातार विरोध प्रदर्शन जारी था. 15 अगस्त को हांसी में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई थी, जिसके बाद कई किसान नेताओं व ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया गया था. इसके अगले दिन यानी 16 अगस्त को संघर्ष समिति की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सीधी बातचीत हुई, जिसमें सरकार ने पीड़ित परिवार और कमेटी की प्रमुख मांगें मान लीं. 17 अगस्त देर शाम गुरुग्राम जेल में बंद किसान नेताओं को रिहा किया गया, जिसके बाद 18वें दिन 15 दिन से रुका अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया.

'लाठियां खाईं, प्रताड़ना सही, लेकिन न्याय की जंग अधूरी'

अंतिम संस्कार के दौरान पहुंचे किसान नेताओं और खाप चौधरियों ने पुलिस-प्रशासन के रवैये पर तीखे सवाल उठाए. नेताओं ने आरोप लगाया कि 14 और 15 अगस्त की रात पुलिस व सीआईए स्टाफ ने बुजुर्गों, महिलाओं और खाप प्रधानों के साथ अभद्रता की और लाठियां भांजीं. नेताओं का कहना था कि 70 से 80 साल के बुजुर्गों को घसीटा गया और रात में हिरासत में लिया गया.

किसान प्रतिनिधियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "सरकार के साथ टेबल टॉक में सहमति बनने के बाद हम शव का दाह-संस्कार करने के लिए तैयार हुए हैं, लेकिन हमारी लड़ाई अभी अधूरी है. जब तक जीवन कुंडू के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा नहीं मिल जाती और पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक 36 बिरादरी और सभी खापें इस परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेंगी."

अंतिम विदाई में उमड़ी 36 बिरादरी और खापें

गांव किनाला में आयोजित अंतिम संस्कार में हरियाणा भर से विभिन्न खापों के चौधरी, किसान मोर्चा के प्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां पहुंचीं. कुंडू खाप के प्रधान जयवीर कुंडू, पूर्व विधायक बलराज कुंडू, प्रोफेसर छत्रपाल सिंह, कंडेला खाप, पुनिया खाप, सतरोल खाप और सातबास खाप के प्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में ग्रामीणों ने जीवन कुंडू को श्रद्धांजलि अर्पित की.

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