'डंकी रूट' से पुर्तगाल, फिर फ्रांस आर्मी में एंट्री... जानें कौन थे कुरुक्षेत्र के 25 वर्षीय विशु शर्मा जिनकी जर्मनी में हुई हत्या

चंद्र प्रकाश

18 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 18 2026 10:32 AM)

Kurukshetra Vishu Sharma News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले 25 वर्षीय विशु शर्मा की जर्मनी में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई. विशु साल 2022 में डंकी रूट से पुर्तगाल गया था और बाद में जर्मनी में डिलीवरी ब्वॉय का काम कर रहा था. रक्षाबंधन से ठीक पहले हुई इस वारदात से परिवार सदमे में है.

जर्मनी में कुरुक्षेत्र के विशु शर्मा की हत्या
जर्मनी में कुरुक्षेत्र के विशु शर्मा की हत्या
Google CTA

Vishu Sharma Kurukshetra Murder Germany: रक्षाबंधन से ठीक पहले कुरुक्षेत्र के एक परिवार के साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसने उनकी सारी खुशियां छीन लीं. 25 साल का विशु शर्मा कुछ साल पहले बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गया था. परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए अपना प्लॉट तक बेच दिया था. पुर्तगाल से फ्रांस और फिर जर्मनी तक पहुंचा विशु अपनी जिंदगी को नई दिशा देने में जुटा था. लेकिन जर्मनी में जर्मनी में चाकू मारकर हत्या कर दी गई. इसकी खबर घर पहुंची तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. आखिर उस रात विशु के साथ क्या हुआ जानिए पूरी कहानी.

Read more!

प्लॉट बेचकर 20 लाख रुपये में भेजा था विदेश

विशु के पिता नीरज शर्मा ने आंखों में आंसू लिए बताया कि उन्होंने साल 2022 में अपना प्लॉट बेचकर 20 लाख रुपये का कर्ज और व्यवस्था करके विशु को 'डंकी रूट' से पुर्तगाल भेजा था. पुर्तगाल से करीब एक साल बाद विशु फ्रांस चला गया, जहां उसने 6 महीने की ट्रेनिंग के बाद फ्रांस की आर्मी जॉइन कर ली. हालांकि, परिजनों की सलाह पर उसने एक साल बाद आर्मी की नौकरी छोड़ दी और जर्मनी चला गया. जर्मनी में विशु पिज्जा डिलीवरी का काम करने लगा और अपनी मेहनत के दम पर परिजनों के सपनों को पूरा कर रहा था.

तीन युवकों ने घेरकर चाकुओं से किया हमला

परिजनों के अनुसार, कुछ युवकों ने विशु को किसी बहाने से मिलने के लिए बुलाया और उस पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे एक रिश्तेदार ने विशु के हाथ और गर्दन पर बने टैटू को देखकर उसके शव की पहचान की. विशु के साथ रहने वाले साथी गौरव ने उसके ही फोन से कुरुक्षेत्र में परिजनों को इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी.

"अंगूठी देनी थी, अब किसे बांधूं राखी?"

विशु की बहन नोनी का रो-रोकर बुरा हाल है. उसने बताया कि पिछले तीन सालों से उसने अपने भाई के लिए राखी संभाल कर रखी थी. रक्षाबंधन पर विशु घर आने वाला था और उसने अपनी बहन को गोल्ड रिंग (अंगूठी) गिफ्ट करने का वादा किया था. बहन ने बिलखते हुए कहा, "भाई ने दिवाली या भाईदूज पर आने का वादा किया था, लेकिन रक्षाबंधन से पहले ही सब खत्म हो गया. अब मैं किसे राखी बांधूंगी?"

सरकार से शव भारत लाने की गुहार

विशु का परिवार बेहद गरीब स्थिति में है और उसकी कमाई से ही पूरे घर का खर्च चलता था. विशु के पिता ने हाथ जोड़कर सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द कुरुक्षेत्र लाया जाए, ताकि वे अपने रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर सकें. साथ ही परिवार ने हत्यारों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.


यह भी पढ़ें: रेवाड़ी: पेचकस से ATM तोड़ने वाली दो युवतियां निकलीं सगी बहनें, गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में बताया आखिर क्यों उठाया ये कदम