हरियाणा के रेवाड़ी में इन दिनों रसोई गैस (LPG) को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. कई घंटों तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. इस स्थिति से नाराज उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी संचालकों पर कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं.
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सुबह 8 बजे से लाइन में लगे हैं उपभोक्ता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे सुबह 8 बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर कतारों में लग जाते हैं. कई लोग पिछले दो-तीन दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. भीड़ इतनी ज्यादा है कि एजेंसियों ने अपने गेट तक बंद कर दिए हैं. एक पूर्व पैराशूट कमांडो, जो खुद लाइन में खड़े थे, उन्होंने बताया कि वे चार घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है.
कालाबाजारी और शादियों में सप्लाई का आरोप
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही है. लोगों का कहना है कि जहां आम जनता को सिलेंडर के लिए तरसाया जा रहा है, वहीं शादी-ब्याह वाले घरों और व्यावसायिक स्थानों पर ब्लैक में धड़ल्ले से सिलेंडर पहुँचाए जा रहे हैं. एक ग्रामीण ने बताया कि उनकी बुकिंग होने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया गया, जबकि ब्लैक में अधिक दाम देने वालों को आसानी से गैस मिल रही है.
चूल्हा जलाने तक की नौबत, महिलाएं परेशान
गैस की किल्लत का सबसे ज्यादा असर रसोई पर पड़ रहा है. लाइनों में खड़ी महिलाओं ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि घर में गैस खत्म होने के कारण वे लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं. कई किराएदारों ने बताया कि उनके मकान मालिक लकड़ी जलाने की अनुमति नहीं देते, जिससे उनके सामने भूखे रहने की नौबत आ गई है.
एजेंसी संचालकों की चुप्पी
एक तरफ जहां जनता परेशान है और हाहाकार मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ गैस एजेंसी संचालक इस भीड़ और किल्लत पर कुछ भी स्पष्ट बोलने से बच रहे हैं. उपभोक्ताओं में इस बात को लेकर भी डर है कि कहीं आने वाले समय में स्थिति और अधिक खराब न हो जाए.
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