Anirudh Yadav Manohar Lal Khattar: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति का पत्र जारी कर दिया गया है. इसके तहत अनिरुद्ध यादव को ओएसडी (Officer on Special Duty) के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है. शहरी आवास मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत जारी किए गए इस पत्र के अनुसार, उन्हें चार साल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक हलकों और आम चर्चाओं में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है.
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जानें कौन हैं अनिरुद्ध यादव?
सुबह से ही इस बात को लेकर भ्रम फैला हुआ था कि अनिरुद्ध यादव पूर्व डीजीपी मनोज यादव के बेटे हैं, लेकिन यह जानकारी पूरी तरह गलत साबित हुई. असल में, वह हरियाणा बीजेपी के रेवाड़ी से आने वाले नेता डॉ. अरविंद यादव के बेटे हैं. उनके पिता अरविंद यादव अतीत में पर्यटन विभाग के चेयरमैन और हारको बैंक के चेयरमैन रह चुके हैं, और उन्होंने साल 2019 के विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी से टिकट भी मांगा था. अनिरुद्ध यादव के पिता को 'एंटी-राव इंद्रजीत' खेमे के नेता के तौर पर भी देखा जाता है.
IIT से इंजीनियरिंग और ऑक्सफोर्ड से पोस्ट-ग्रेजुएशन
अनिरुद्ध यादव की शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने मॉडर्न स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद आईआईटी रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया. वह पहले से ही 'टीम मनोहर लाल' के साथ जुड़े हुए थे और दिल्ली में रहकर कार्य कर रहे थे. पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में उनके शानदार काम और ज्ञान से प्रभावित होकर ही केंद्रीय मंत्री ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया है.
क्यों अलग है अनिरुद्ध यादव की नियुक्ति?
अनिरुद्ध यादव को केंद्रीय मंत्री के कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के पद पर नियुक्त किया गया है, जिस स्तर पर आमतौर पर आईएएस या वरिष्ठ नौकरशाहों की नियुक्ति होती है. वह बहुत ही लो-प्रोफाइल रहकर केवल अपने काम और नीति-निर्माण पर ध्यान देते हैं. मीडिया से दूर रहने वाले अनिरुद्ध अब मंत्री के विभाग में नई नीतियों के निर्धारण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे. आने वाले समय में देखना दिलचस्प होगा कि उनकी इस नियुक्ति से विभाग के कामकाज पर कितना बड़ा असर पड़ता है.
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