Meenakshi Goyat vs Vinesh Phogat: भारतीय महिला कुश्ती के एशियन गेम्स के ट्रायल्स में स्टार रेसलर विनेश फोगाट को सेमीफाइनल मुकाबले में धूल चटाने वाली मीनाक्षी गोयत पहली बार कैमरे के सामने आई हैं. मीडिया से बातचीत में मीनाक्षी और उनके पिता ने जहां इस ऐतिहासिक जीत की खुशी जाहिर की, वहीं उनके जीवन के हैरान करने वाले संघर्ष और फाइनल मैच में हुए बड़े विवाद से भी पर्दा उठाया.
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ट्रायल्स के सेमीफाइनल में विनेश फोगाट जैसी दिग्गज को हराने के बाद मीनाक्षी गोयत का हौसला सातवें आसमान पर था. हालांकि, फाइनल मुकाबले में उन्हें अंतिम पंघाल से हार का सामना करना पड़ा और वह एशियन गेम्स की रेस से बाहर हो गईं. लेकिन इस हार को लेकर मीनाक्षी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं.
अंतिम पंघाल के खिलाफ मैच में 'पक्षपात' का आरोप
मीनाक्षी का कहना है कि अंतिम पंघाल के साथ हुए उनके फाइनल मैच में पार्शियल्टी की गई है. उन्होंने इस मुकाबले के खिलाफ यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) को आधिकारिक शिकायत भेजी है. मीनाक्षी को उम्मीद है कि वहां उनका पक्ष सुने जाने के बाद इस मैच का नतीजा बदल सकता है.
डॉक्टरों ने कह दिया था- 'चल भी नहीं पाएगी बेटी'
मीनाक्षी के पिता, जो जींद के चाबरी गांव के एक छोटे किसान हैं और जिनके पास महज दो एकड़ जमीन है, उन्होंने बेटी की इस कामयाबी के पीछे का दर्दनाक संघर्ष साझा किया. उन्होंने बताया कि साल 2019-20 में मीनाक्षी को इतनी गंभीर चोट लगी थी कि डॉक्टरों ने साफ कह दिया था, "कुश्ती तो बहुत दूर की बात है, यह लड़की अब कभी अपने पैरों पर चल भी नहीं पाएगी."
उस वक्त घर के हालात बेहद खराब थे, क्योंकि मीनाक्षी की मां कैंसर से जूझ रही थीं. आर्थिक तंगी और दुखों के पहाड़ के बावजूद पिता ने हिम्मत नहीं हारी और बेटी को प्रैक्टिस कराने के लिए अपना गांव छोड़कर सोनीपत आ गए.
विनेश फोगाट को हराने पर क्या बोलीं मीनाक्षी?
मीनाक्षी से जब पूछा गया कि देश की टॉप रेसलर विनेश फोगाट को हराने के लिए उनकी क्या रणनीति थी, तो उन्होंने कहा, "मेरी रणनीति बस इतनी थी कि मुझे आखिरी मिनट तक लड़ना है, हार-जीत नहीं देखनी." उन्होंने माना कि मैच के आखिरी पलों में स्कोर क्लोज होने पर वह थोड़ी लापरवाह हो गई थीं, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला.
विनेश को हराने के बाद भारतीय कुश्ती में आए बदलाव पर मीनाक्षी ने कहा, "पहले सबके मन में यह अनुभव और डर रहता था कि विनेश इतनी बड़ी खिलाड़ी हैं कि उन्हें कोई हरा ही नहीं सकता, लेकिन मेरी इस जीत के बाद अब देश की दूसरी बेटियों को भी यह विश्वास हो जाएगा कि हम किसी को भी हरा सकते हैं." मीनाक्षी का अब अगला लक्ष्य इस साल होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए गोल्ड जीतना है.
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