पानीपत: पैर की हड्डी का इलाज कराने पहुंची थी महिला, डॉक्टरों ने कर दिया दिल का ऑपरेशन! अब मौत के बाद दर्ज हुई FIR

प्रदीप रेढू

• 02:08 PM • 27 Jul 2026

Panipat News: पानीपत के पार्क अस्पताल पर इलाज में भारी लापरवाही और धोखाधड़ी का आरोप लगा है. सड़क हादसे में पैर टूटने पर भर्ती महिला की मौत हो गई. परिजनों का दावा है कि बिना पूछे फर्जी दस्तखत कर दिल का ऑपरेशन कर छल्ला डाल दिया गया. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

 पानीपत में अस्पताल की लापरवाही आई सामने
पानीपत में अस्पताल की लापरवाही आई सामने
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Panipat Hospital News: हरियाणा के पानीपत में एक अस्पताल से इलाज में लापरवाही और धोखेबाजी का मामला सामने आया है. बजाया जा रहा है कि यहां एक महिला को पैर की टूटी हड्डी का इलाज कराने के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना किसी इजाजत के महिला के दिल का ऑपरेशन करके छल्ला डाल दिया. परिजानों के बताया कि इससे इलाज के दौरान ही महिला की मौत हो गई. मामला जीटी रोड पर स्थित एक अस्पताल का बताया जा रहा है. इस घटना के बाद गुस्साए मृतका के बेटे कुलदीप ने अब पुलिस थाने में डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

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सिलसिलेवार तरीके जानें पूरा मामला?

दरअसल, उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के काशीपुर के रहने वाले कुलदीप पानीपत के रमेश नगर में किराये के मकान में रहते हैं. कुलदीप के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 को उनकी माता गुड्डी देवी एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थीं. इसमें उनके पैर की हड्डी टूट गई थी. इसके बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए जीटी रोड पर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया.

फर्जी दस्तखत कर बिना बताए डाला दिल में छल्ला

शिकायतकर्ता का कहना है कि अगले ही दिन 25 जुलाई 2026 को अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों को बिना कोई जानकारी दिए और अनुमति के महिला का हार्ट ऑपरेशन कर दिया. परिजनों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के सहमति पत्र पर उनके फर्जी साइन भी किए गए. परिजनों को इस बात का पता तक नहीं चलने दिया गया. गलत इलाज के चलते इलाज के दौरान ही गुड्डी देवी की जान चली गई. परिजनों ने महिला की मौत के लिए डॉक्टर की लापरवाही और अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत होने का आरोप लगाया है.

लापरवाही पर सवाल उठाने पर दी धमकी

महिला की मौत हो जाने के बाद जब पीड़ित बेटे ने अस्पताल के प्रबंधन से इस संबंध में जवाब मांगा तो अस्पताल प्रशासन ने अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया. पीड़ित के अनुसार, पार्क अस्पताल के प्रशासन ने उन पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न करने का दबाव बनाया. परिजनों को यह तक कह दिया गया कि उनसे जो बनता है कर लें, उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. इसके बाद पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए पुलिस के पास पहुंचा.

पुलिस ने दर्ज की FIR, शुरू हुई जांच

घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-29 पानीपत की पुलिस टीम तुरंत जांच के लिए पार्क अस्पताल पहुंची. मौके पर एएसआई ऋषि प्रकाश और उनकी टीम को मृतका के बेटे कुलदीप ने शिकायत सौंपी. पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के असली कारणों की पुष्टि हो सके. उधर अस्पताल की सीईओ सपना से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने इस विषय में जानकारी देने के लिए कुछ समय मांगा.

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