विदेशों से भी आगे निकला भारत, सीएम नायब सैनी के मीडिया एडवाइजर राजीव जेटली ने गिनाई हाइड्रोजन ट्रेन की बड़ी खूबियां

न्यूज तक डेस्क

• 04:14 PM • 17 Jul 2026

भारत ने दुनिया की सबसे लंबी और 10 बोगियों वाली पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाकर इतिहास रच दिया है. जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है, जिससे धुएं के बजाय सिर्फ पानी और भाप निकलेगी. पर्यावरण सुरक्षा और भविष्य की पीढ़ी के लिए यह मोदी सरकार की एक बड़ी सौगात है.

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भारत ने रेलवे के क्षेत्र में एक नया वैश्विक इतिहास रच दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात दी है. हरियाणा के जींद जिले से शुरू हो रही यह ट्रेन तकनीक और पर्यावरण सुरक्षा के मामले में भारत को दुनिया के शीर्ष देशों की कतार में सबसे आगे ले आई है.

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मीडिया एडवाइजर राजीव जेटली ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बात करते हुए कहा कि जब भी दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा के जींद जिले का नाम सुनहरे अक्षरों में लिया जाएगा.

क्यों खास है भारत की यह हाइड्रोजन ट्रेन?

राजीव जेटली ने बताया कि अब तक दुनिया के मात्र 6 देशों ने ही हाइड्रोजन ट्रेन चलाने में सफलता हासिल की है. लेकिन उन देशों की ट्रेनें बेहद छोटी (दो या चार बोगियों की) हैं. भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने 10 बोगियों वाली सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन पटरी पर उतारी है. इस पैसेंजर ट्रेन की क्षमता 2500 से अधिक यात्रियों को ले जाने की है.

प्रदूषण की छुट्टी, धुएं की जगह निकलेगा पानी

इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) होना है. यह ट्रेन ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का इस्तेमाल करेगी, लेकिन साइलेंसर से धुएं के बजाय केवल पानी और भाप (वाष्प) बाहर छोड़ेगी. इससे शून्य प्रदूषण (No Pollution) होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भविष्य का विजन

ट्रेन की सुरक्षा को लेकर राजीव जेटली ने आश्वस्त किया कि इसे बेहद संवेदनशील और उच्च स्तर की तकनीक (High-level SOPs) के साथ तैयार किया गया है. कई बड़े विशेषज्ञों की देखरेख में इसके सेफ्टी फीचर्स को फिट किया गया है. यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच एक ट्रायल पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाई जा रही है. सरकार का विज़न है कि भविष्य में न सिर्फ ट्रेनें, बल्कि कार, बाइक और स्कूटर भी हाइड्रोजन तकनीक पर चलेंगे ताकि देश को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके.

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