Haryana Rajyasabha Result: राहुल के साख कर्मवीर सिंह की 'अग्नि परिक्षा' सफल, सिर्फ 1 वोट से जीते, जानें उनके बारे में सबकुछ

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध ने जीत दर्ज की है. इस परिणाम के साथ ही राज्यसभा में एनडीए का बहुमत और मजबूत हो गया है, जिससे सरकार के लिए आगामी बिलों को पारित कराना अब और भी आसान हो जाएगा.

हरियाणा राज्यसभा चुनाव
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राजू झा

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Haryana Rajyasabha Election Result: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के परिणाम भले ही आ चुके हैं लेकिन इसका रोमांच किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं रहा. महज दो सीटों के लिए हुई इस जंग में शह-मात का खेल ऐसा चला कि 16 घंटे तक सांसें अटकी रहीं. सोमवार शाम 4 बजे मतदान खत्म होने के बाद जो ड्रामा शुरू हुआ वह देर रात डेढ़ बजे तक जारी रहा. बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध ने जीत का परचम लहराया, जबकि बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का मुंह देखना पड़ा.

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वोटों का गणित और हाई-वोल्टेज ड्रामा

हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों वाले इस सदन में कांटे की टक्कर थी. चुनाव में कुल 88 विधायकों ने हिस्सा लिया, क्योंकि इनेलो (INLD) के दो विधायकों ने वोटिंग का बहिष्कार कर दिया था. असली ट्विस्ट तब आया जब वोटों की गिनती पर आपत्तियां दर्ज की गईं. कांग्रेस के दो विधायकों द्वारा बैलेट पेपर सही से फोल्ड न करने और सार्वजनिक प्रदर्शन के कारण कुल 5 वोट अवैध घोषित कर दिए गए. इसके बाद जीत का आंकड़ा 30 से खिसक कर 28 पर आ गया. बीजेपी के संजय भाटिया 39 वोट पाकर आसानी से जीत गए, लेकिन दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद करीबी रहा.

कौन हैं करमवीर सिंह बौद्ध?

कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरे करमवीर सिंह बौद्ध की जीत को पार्टी अपनी 'अग्नि परीक्षा' मान रही है. अंबाला के रहने वाले करमवीर दलित समुदाय से आते हैं और उनका करियर बेहद शानदार रहा है. राजनीति में आने से पहले वे हरियाणा सिविल सचिवालय में 32 सालों तक कार्यरत रहे और सुपरिटेंडेंट के पद से रिटायर हुए. वे हरियाणा विधानसभा के सचिव भी रह चुके हैं. किसी गुटबाजी का हिस्सा न रहने वाले करमवीर को उनकी तटस्थ छवि और दलित अधिकारों के लिए जमीनी काम करने के कारण कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा है.

संजय भाटिया हैं संगठन के मजबूत खिलाड़ी

दूसरी तरफ बीजेपी के विजेता संजय भाटिया पीएम मोदी के बेहद करीबी माने जाते हैं. पानीपत के रहने वाले भाटिया ने 2019 के लोकसभा चुनाव में करनाल सीट से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी. एबीवीपी (ABVP) के दिनों से राजनीति की शुरुआत करने वाले भाटिया संगठन में कई अहम पदों पर रह चुके हैं. उनकी जीत ने हरियाणा में बीजेपी की पकड़ को एक बार फिर साबित कर दिया है.

राज्यसभा में एनडीए का 'सुपर पावर'

हरियाणा के साथ-साथ देश की कुल 37 सीटों के नतीजों ने संसद के ऊपरी सदन की तस्वीर बदल दी है. एनडीए ने 37 में से 22 सीटों पर कब्जा जमा लिया है, जबकि विपक्ष के पास 15 सीटें आई हैं. अब राज्यसभा में बीजेपी 103 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. एनडीए और उसके सहयोगियों की कुल संख्या 135 तक पहुंच गई है, जिसका मतलब है कि अब मोदी सरकार के लिए राज्यसभा में कोई भी महत्वपूर्ण बिल पास कराना बेहद आसान हो जाएगा.

विपक्ष के लिए बड़ा झटका

इस चुनाव परिणाम ने विपक्ष की मुश्किलों को बढ़ा दिया है. अब तक राज्यसभा में सरकार को घेरने वाला विपक्ष अब संख्या बल के मामले में काफी पीछे छूट गया है. हालांकि, कांग्रेस के लिए एकमात्र राहत की बात यह रही कि उसने उच्च सदन में विपक्ष के नेता की कुर्सी बचाने में कामयाबी हासिल की. अब देखना यह होगा कि इस नए बहुमत के साथ सरकार आने वाले सत्रों में कौन से बड़े विधायी कदम उठाती है.

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