Jiwan Kundu murder case: हांसी में जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और किसानों पर 15 अगस्त को हुए लाठीचार्ज के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है. इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है. टिकैत ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि हरियाणा को कमजोर समझने की भूल बिल्कुल न की जाए. यदि प्रशासन ने समय रहते बातचीत कर समाधान नहीं निकाला तो आगे का फैसला बेहद कड़ा होगा.
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12 दिन से रखी है डेड बॉडी, मुख्यमंत्री पर उठाए सवाल
राकेश टिकैत ने प्रशासन और सरकार की मंशा पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 12 दिनों से मृतक की डेड बॉडी रखी हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री या शासन का कोई प्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं पहुंचा. क्या इतने दिनों से रखी देह का सम्मानजनक दाह संस्कार नहीं होना चाहिए? उन्होंने आरोप लगाया कि 15 अगस्त को जिस तरह से बुजुर्गों और किसानों पर लाठीचार्ज किया गया और सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों द्वारा गाड़ियां व ट्रैक्टर तोड़े गए, वह बेहद निंदनीय है.
रात-रात में रिहाई और नुकसान की भरपाई की मांग
किसान नेता ने शासन के सामने साफ शर्तें रखते हुए कहा कि 15 अगस्त की घटना के दौरान जितने भी लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें रात-रात में तुरंत रिहा किया जाए. इसके साथ ही जिन किसानों की गाड़ियां और ट्रैक्टर टूटे हैं, प्रशासन उनका पूरा ठीक-ठाक इंतजाम और मरम्मत करवाए. टिकैत ने कहा कि मसले का हल केवल बातचीत से ही संभव है, इसलिए एक कमेटी बनाकर तुरंत वार्ता शुरू की जानी चाहिए.
'हर थाने में बैठेंगे लोग, पूरे हरियाणा में न जाने दें इशू'
प्रशासन को सलाह देते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि इस मामले को कल तक निपटा लिया जाए और इसे पूरे हरियाणा में फैलने न दिया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बात नहीं बनी, तो लोगों को हिसार या हांसी आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि लोग अपने-अपने क्षेत्रों के थानों में ही शांतिपूर्ण तरीके से धरना देकर बैठ जाएंगे. उन्होंने दोहराया कि कोई कड़ा फैसला लेने से पहले प्रशासन को स्थिति संभाल लेनी चाहिए.
15 अगस्त के बवाल में 14 नामजद समेत 200 पर FIR
दूसरी तरफ, 16 अगस्त को हांसी में 15 अगस्त को हुए बवाल के मामले में पुलिस का तगड़ा एक्शन देखने को मिला. हांसी पुलिस ने 14 नामजद किसान नेताओं (जिनमें सुरेश कौत भी शामिल हैं) तथा 150 से 200 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान, जानलेवा हमले और सरकारी काम में बाधा जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि उपद्रव के दौरान 5 से 6 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. इसके अलावा हिसार जिले के बरवाला में बाड़ोपट्टी टोल प्लाजा पर नेशनल हाईवे जाम करने वालों पर भी एफआईआर दर्ज की गई है.
कुंडू और पुनिया खाप ने बुलाई महापंचायत
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई और लाठीचार्ज से नाराज होकर कुंडू खाप और पुनिया खाप ने 16 अगस्त को इमरजेंसी कॉल पर पंचायत बुलाई. 15 अगस्त को जब किसान मुख्यमंत्री के ध्वजारोहण कार्यक्रम को रोकने जा रहे थे, तब सिसाई पुल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई थी. इस दौरान पथराव और लाठीचार्ज में कई किसानों के सिर फूटे थे, जबकि एसपी विनोद कुमार के हाथ में भी चोट आई थी. अब खाप पंचायतों की बैठक में आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है.
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