Deepender Hooda statement: सिख विरोधी दंगों (1984) के दोषी और कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके निधन के बाद रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा दिए गए एक बयान ने देश और प्रदेश की राजनीति में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है. दरअसल, सज्जन कुमार को दिल्ली और पूरे उत्तर भारत के लिए एक 'मिसाल' और बड़ी क्षति बताने पर राजनीतिक गलियारों, खासकर पंजाब के नेताओं के बीच तीखा विरोध शुरू हो गया. अब विवाद बढ़ता देख दीपेंद्र हुड्डा ने सामने आकर अपनी सफाई दी है.
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क्या था शुरुआती बयान जिस पर मचा बवाल?
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार के गुजर जाने पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें दिल्ली देहात और पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा व्यक्तित्व बताया था. उन्होंने कहा था कि लोगों के सुख-दुख में शरीक होने और दिल्ली के ढांचागत विकास में सज्जन कुमार का जो योगदान रहा, उसे लोग आज भी याद करते हैं और उनका जनजुड़ाव एक मिसाल की तरह देखा जाता है.
पंजाब के नेताओं और सिख समाज का कड़ा विरोध
दीपेंद्र हुड्डा की इस टिप्पणी के बाद पंजाब के राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. नेताओं ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए सवाल उठाया कि अदालत से सिख विरोधी दंगों में सजा पा चुके व्यक्ति को रोल मॉडल या मिसाल के तौर पर कैसे प्रस्तुत किया जा सकता है. पंजाब के नेताओं का तर्क था कि जिस व्यक्ति के कारण सिख समाज को इतनी पीड़ा झेलनी पड़ी, वह किसी भी सूरत में समाज का रोल मॉडल नहीं हो सकता.
दीपेंद्र हुड्डा ने दी सफाई, कहा- 'रोल मॉडल' शब्द का प्रयोग ही नहीं किया
राजनीतिक पारा चढ़ने और चौतरफा घिरने के बाद दीपेंद्र हुड्डा ने अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने अपनी बातचीत में 'रोल मॉडल' शब्द का इस्तेमाल कहीं भी नहीं किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग आपसी भाईचारे में दरार डालकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं और बेवजह ऐसे शब्द उनके मुंह में डाल रहे हैं.
दीपेंद्र हुड्डा ने यह भी दोहराया कि उनका मकसद किसी भी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था. उन्होंने कहा कि उनका परिवार स्वतंत्रता संग्राम के दिनों से लेकर किसान आंदोलनों तक हमेशा सिख समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है. 1984 के दंगों पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि वे शुरू से मानते रहे हैं कि उस दौर में अन्याय हुआ था और जो भी इसमें दोषी पाया गया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए तथा पीड़ित समाज को पूरा न्याय मिलना चाहिए.
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