हरियाणा के सोनीपत जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां के मलिकपुर गांव में खेतों के पास महज दो फीट गहरे गड्ढे में दफनाया गया एक 15 साल की नाबालिग लड़की का शव बरामद हुआ है. शव को कुत्तों ने खोदकर बाहर निकाल लिया था और उसकी गर्दन व हाथ को बुरी तरह नोच लिया था. इस घटना के सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस की शुरुआती जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने मानव तस्करी के एक घिनौने और क्रूर खेल की परतें खोलकर रख दी हैं.
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कुत्तों ने खोदा गड्ढा, तब सामने आई पूरी वारदात
सोनीपत जिले के मलिकपुर गांव में पंचायती जमीन के पास शनिवार को यह घटना तब उजागर हुई, जब सुरजीत नाम का एक ग्रामीण अपनी भैंसों को चराने के लिए वहां पहुंचा था. सुरजीत ने देखा कि कुछ आवारा कुत्ते एक ताजे खोदे गए गड्ढे को लगातार खोद रहे हैं. पास जाकर देखने पर उसके होश उड़ गए, वहां एक लड़की का शव पड़ा हुआ था. कुत्तों ने मृतका की गर्दन और एक हाथ को बुरी तरह नोच रखा था. मृतका ने सूट-सलवार पहना हुआ था. ग्रामीण ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल शुरू की.
असम से ढाई साल पहले खरीदकर लाई गई थी नाबालिग
पुलिस जांच और गिरफ्तार आरोपी महिला से पूछताछ में पता चला है कि यह 15 वर्षीय नाबालिग लड़की मूल रूप से असम की रहने वाली थी. करीब ढाई साल पहले गोरड़ गांव का रहने वाला एक दंपति ओम प्रकाश और उसकी पत्नी जयंती, इसे असम से खरीदकर सोनीपत लाए थे. आरोपी दंपति इसे किसी अन्य खरीदार को महंगे दामों में बेचने की फिराक में थे. हालांकि, लंबे समय तक कोई खरीदार नहीं मिला और सही कीमत न मिलने के कारण लड़की को इतने सालों तक आरोपी अपने घर पर ही रखने के लिए मजबूर थे.
अस्पताल में हुई मौत, फिर रची दफनाने की साजिश
इसी बीच नाबालिग लड़की काफी बीमार पड़ गई और उसे टाइफाइड हो गया. इलाज के लिए उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज (पीजीआई) में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया. लड़की की मौत के बाद आरोपी घबरा गए, क्योंकि मृतका का परिवार असम में था और उन्होंने उसे खरीदा हुआ था. पहले आरोपी उसे यमुना पार ले जाकर या अपने गांव गोरड़ में अंतिम संस्कार करने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस या ग्रामीणों की भनक लगने के डर से उन्होंने योजना बदल दी.
रात के अंधेरे में दफनाकर भागे आरोपी
पकड़े जाने के डर से आरोपी ओम प्रकाश मृतका के शव को लेकर अपनी बहन के गांव मलिकपुर पहुंचा. वहां उसने अपनी पत्नी जयंती के साथ मिलकर शनिवार की रात करीब दो फीट गहरा गड्ढा खोदा और शव को दफनाकर मौके से फरार हो गए. हालांकि, गड्ढा कम गहरा होने के कारण दो दिन बाद ही कुत्तों ने शव को बाहर निकाल लिया, जिससे इस पूरे क्रूर कांड का पर्दाफाश हो गया.
आरोपी महिला गिरफ्तार, पति की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनीपत पुलिस तुरंत हरकत में आई और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला जयंती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस जांच अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि मृतका के शव को निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया जा चुका है. मुख्य आरोपी ओम प्रकाश अभी फरार चल रहा है, जिसके खिलाफ 2018 में खरखौदा थाने में भी मानव तस्करी का मामला दर्ज था. पुलिस की टीमें फरार ओम प्रकाश की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.
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