हरियाणा की राजनीति में बयानों के तीर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं . केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा मंच से दिए गए एक बयान पर अब सियासी घमासान छिड़ गया है. करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने इस मुद्दे को लेकर राव इंद्रजीत सिंह पर करारा हमला बोला है.
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हरियाणा तक से बातचीत के दौरान सूरजपाल अम्मू ने राव इंद्रजीत सिंह पर पंजाबी समाज का अपमान करने का आरोप लगाया और उन्हें एक बड़ा चैलेंज भी दे डाला.
'पंजाबी समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं'
सूरजपाल अम्मू ने कहा कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जिस मंच से पंजाबी समुदाय को लेकर बयानबाजी की, उस मंच पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और अन्य दिग्गज नेता मौजूद थे. उन्होंने कहा कि विभाजन का दंश झेलकर आए पंजाबी समुदाय को अपमानित करना नाकाबिल बर्दाश्त है. अम्मू ने भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की और कहा कि राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए.
जमीन कब्जे को लेकर अम्मू का खुला चैलेंज
राव इंद्रजीत सिंह को चुनौती देते हुए सूरजपाल अम्मू ने कहा कि अगर वह खुद को इतना ही बड़ा नेता और मंत्री मानते हैं, तो मेवात में पाकिस्तान/पश्चिम पंजाब से आए पंजाबी समाज के लोगों की जमीनों पर जो अवैध कब्जे हैं, उन्हें छुड़वाकर दिखाएं. उन्होंने कहा, "अगर आप सात बार सांसद बने हैं और उनका योगदान मानते हैं, तो मेवात में उनकी जमीनों का कब्जा दिला दें, मैं मान जाऊंगा कि आप मंत्री हैं."
अहीरवाल शब्द के इस्तेमाल पर भी आपत्ति
बातचीत के दौरान सूरजपाल अम्मू ने 'अहीरवाल' शब्द के बार-बार प्रयोग पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र 'दक्षिणी हरियाणा' है, जहां ब्राह्मण, पंजाबी, दलित, जाट, गुर्जर समेत सभी 36 बिरादरियों के लोग रहते हैं. ऐसे में किसी एक वर्ग के नाम पर क्षेत्र का नाम सीमित करना गलत है.
चुनाव लड़ने की घोषणा
सूरजपाल अम्मू ने यह भी ऐलान किया कि करणी सेना अब चुनावी राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होगी. उन्होंने बताया कि आगामी चुनावों में करणी सेना उत्तर प्रदेश की 50 से 70 सीटों पर और पंजाब की 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. साथ ही, वह आर्थिक आधार पर सभी वर्गों के गरीबों को आरक्षण देने की मांग उठा रहे हैं.
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