मनीषा केस में CBI की क्लोजर रिपोर्ट से भड़के पिता, बोले- न्याय के लिए जारी रहेगी लड़ाई, बताया क्या होगा अगला कदम?

Teacher Manisha Case : हरियाणा के चर्चित टीचर मनीषा मामले में सीबीआई द्वारा पेश क्लोजर रिपोर्ट के बाद नया मोड़ आ गया है. परिजनों ने जांच पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए इसे मानने से मना कर दिया है. अब देखना होगा कि 27 तारीख को कोर्ट में क्या नया मोड़ आता है.

मनीषा केस में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से भड़के पिता
मनीषा केस में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से भड़के पिता
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Teacher Manisha Closure Report: हरियाणा के चर्चित टीचर मनीषा मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है. सीबीआई ने जांच पूरी करने के बाद इस मामले को आत्महत्या करार दिया है. हालांकि, मनीषा के पिता संजय इस रिपोर्ट और सीबीआई की कार्रवाई से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं. उनका आरोप है कि पूरी जांच में लीपापोती की गई है और सच्चाई को छुपाने की कोशिश हो रही है. परिजनों का कहना है कि वे इस मामले में सड़क से लेकर अदालत तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और बेटी को न्याय दिलाकर ही रहेंगे.

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क्लोजर रिपोर्ट और कोर्ट की अगली तारीख

सीबीआई स्पेशल क्राइम टू, नई दिल्ली की ओर से मनीषा के पिता को 10 अगस्त को एक पत्र भेजा गया था. इसमें जांच पूरी होने और पंचकूला स्थित सीबीआई की स्पेशल जुडिशियल मजिस्ट्रेट अदालत में अंतिम रिपोर्ट पेश करने की जानकारी दी गई थी. जब मनीषा के पिता संजय चार्जशीट की कॉपी लेने पंचकूला कोर्ट पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि अदालत ने इस मामले में 27 अगस्त की तारीख तय की है. पिता का कहना है कि 12 तारीख को क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई, लेकिन उन्हें अभी तक चार्जशीट की कोई कॉपी या सबूत नहीं दिए गए हैं.

अधिकारियों और जज के रवैये पर उठाए सवाल

अदालत पहुंचे मनीषा के पिता ने वहां के घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले जब वे आए थे, तब जज साहब ने कहा था कि किसी वकील की जरूरत नहीं है. लेकिन अब वही जज साहब उन्हें एक अच्छा वकील करने की सलाह दे रहे हैं. पिता का यह भी दावा है कि क्लोजर रिपोर्ट पेश करने वाले अधिकारी काफी मायूस थे और दस्तावेज सौंपते समय उनके हाथ कांप रहे थे. उन्होंने कहा कि सीबीआई की टीम के नजदीक पहुंचते ही अफसर बदल दिए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध लगती है.

क्या है पूरा मामला?

टीचर मनीषा 11 अगस्त 2025 को अपने गांव ढाणी लक्ष्मण से प्ले स्कूल की ड्यूटी के लिए निकली थी. इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में दाखिले के लिए जाने की बात कही थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी. 13 अगस्त 2025 को मनीषा का शव सिंघानी गांव के खेतों में बरामद हुआ. पुलिस ने 18 अगस्त 2025 को इस घटना को आत्महत्या बताया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों और परिजनों का विरोध बढ़ गया. बढ़ते आंदोलन को देखते हुए दिल्ली एम्स में मनीषा का तीसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया और 26 अगस्त 2025 को केस सीबीआई को सौंपा गया था.

पिता ने बताया क्या होगा अगला कदम

सीबीआई द्वारा मामले को सुसाइड घोषित किए जाने के बाद परिजन और ग्रामीण इस फैसले को मानने से साफ इनकार कर रहे हैं. पिता संजय के अनुसार, न तो उनका परिवार और न ही पूरा प्रदेश इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करेगा. उन्होंने बताया कि अब वे अपने गांव जाकर कमेटी के साथ बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. बैरागी समाज के अध्यक्ष भी उनके समर्थन में आए हैं. परिजनों का कहना है कि वे कानूनी प्रक्रिया और जरूरत पड़ने पर आंदोलन के जरिए बेटी के न्याय की लड़ाई को हर हाल में अंजाम तक पहुंचाएंगे.

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