हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर मची कलह अब खुलकर सामने आ गई है. जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने अपनी ही पार्टी के उन विधायकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की या जिनके वोट कैंसिल हुए. विनेश ने सोशल मीडिया पर एक बेहद तीखी पोस्ट साझा करते हुए पार्टी के भीतर मौजूद 'जयचंदों' पर निशाना साधा है.
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'रखवाली जानवरों की होती है, इंसानों की नहीं'
विनेश फोगाट ने अपने पोस्ट में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा, "जिसका जमीर जिंदा हो उसकी कोई कीमत नहीं होती, रखवाली जानवरों की होती है इंसानों की नहीं." उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव से पहले मॉक ड्रिल कराई गई थी ताकि कोई गलती न हो, तो फिर वोट कैंसिल या क्रॉस कैसे हुए? विनेश ने स्पष्ट किया कि मंशा दोनों जगह एक जैसी थी और अब पार्टी को बिना किसी 'किंतु-परंतु' के सख्त एक्शन लेना चाहिए.
इन विधायकों को मिला है कारण बताओ नोटिस
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले चार विधायकों को कांग्रेस ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन नामों का खुलासा किया. इनमें नारायणगढ़ से शैली चौधरी, पुहाना से मोहम्मद इलियास, हथीन से मोहम्मद इसराइल और साढौरा से विधायक रेनू बाला शामिल हैं.
पार्टी के सामने बड़ी चुनौती
सियासी जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आलाकमान के लिए यह स्थिति 'एक तरफ कुआं, एक तरफ खाई' जैसी है. यदि पार्टी सख्त कार्रवाई करते हुए विधायकों को निष्कासित करती है, तो हरियाणा संगठन में बड़ी टूट का खतरा है. वहीं, यदि नरमी बरती गई तो नेतृत्व की कमजोरी का संदेश जाएगा. विनेश फोगाट ने मांग की है कि ऐसे नेताओं के नाम जनता की अदालत में जाने चाहिए ताकि जनता ही उनका आखिरी फैसला करे.
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