आसमान से बरस रही आग और गर्मी से हर कोई तड़प रहा है और बहुत जल्द राहत चाहता है. अब सभी को इंतजार है कि मानसून कब आएगा और कब झमाझम बारिश होगी ? कब तपती धरती पर ठंडी पानी की बूंदे गिरेंगी. हालांकि इन इलाकों में प्री-मासनसून बारिश की बूंदाबांदी होने लगी है. मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जून तक आगे बढ़कर कई दूसरे राज्यों में प्रवेश कर गया है.
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मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अब पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के अतिरिक्त हिस्सों, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों तक पहुंच गया है, जबकि तेलंगाना के कुछ भागों में भी इसका पहला प्रवेश दर्ज किया गया है.
आईएमडी द्वारा 8 जून 2026 को जारी आधिकारिक मानचित्र के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon - NLM) अब उपमहाद्वीप के बड़े हिस्से तक फैल चुका है. मानसूनी धारा वर्तमान में अरब सागर में 18°N/60°E, 18°N/65°E और 18°N/70°E निर्देशांकों से गुजरते हुए तटवर्ती क्षेत्रों तक पहुंची है तथा हर्णई, सोलापुर, कलबुर्गी, नंद्याल और चेन्नई से होकर आगे बढ़ रही है. दक्षिण-पूर्वी तट से यह सीमा बंगाल की खाड़ी में 15.5°N/85°E और 22°N/90°E तक फैली हुई है.
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में जल्द दस्तक देगा मानसून
बंगाल की खाड़ी से उत्तर की ओर बढ़ रही मानसूनी प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है. आईएमडी के अनुसार, मानसूनी धाराएं छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में सक्रिय होने लगेंगी.
वहीं, पूर्वोत्तर भारत के वे क्षेत्र जहां पहले से ही प्री-मानसून और शुरुआती मानसूनी वर्षा हो रही है. जल्द ही पूरी तरह मानसून क्षेत्र में शामिल हो जाएंगे. इन राज्यों में वर्षा की तीव्रता बढ़ने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. मानसून की यह तेज प्रगति देश के कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलेगी और जलाशयों में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है.
राजस्थान में फिर लौटेगी भीषण गर्मी! 8 जून से 46°C तक पहुंचेगा तापमान, हीटवेव का अलर्ट
इनपुट: अनमोल नाथ बाली
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