जिंदगी और मौत की जंग के बीच पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा, पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित की बहादुरी को किया सलाम

न्यूज तक डेस्क

• 02:07 PM • 02 Oct 2026

PM Modi and Capt Smit Machchar Conversation: फ्लाईदुबई FZ1073 में घायल कैप्टन स्मित मच्छार ने पीएम मोदी से बातचीत में बताया कि मुश्किल वक्त में वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे. वीडियो कॉल में उन्होंने हमले के दौरान कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश, अपने अनुभव और पीएम मोदी से बातचीत का जिक्र किया. जानिए पूरी कहानी.

PM Modi Praises Captain Smit
पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर की बातचीत
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दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट(FZ1073) में हुई हिंसक घटना का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. इस घटना में विमान के कैप्टन स्मित मच्छर बुरी तरह घायल हो गए है और फिलहाल उनका इलाज जारी है. घटना के बाद उनकी जांबाजी के लिए पीएम मोदी ने उन्हें हीरो कहा तो वहीं देश-विदेश हर जगह तारीफ हो रही है. इसी बीच पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बातचीत की है.

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इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनकी अदम्य बहादुरी, सूझबूझ और कठिन समय में दिखाए गए धैर्य की जमकर सराहना की. प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित काफी भावुक हो गए और उन्होंने अपनी भावनाओं पर काबू न रखते हुए पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श और प्रेरणा स्रोत बताया. कैप्टन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का खुद फोन करके उनका हालचाल जानना और उनकी हौसला अफजाई करना उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा गर्व का क्षण है.

हमले के वक्त और नीचे गिरने पर पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा

दर्द और जीवन-मृत्यु के बीच चल रही उस भयंकर जंग के पलों को याद करते हुए कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब वे गंभीर रूप से घायल होकर नीचे गिर चुके थे और उनके शरीर पर कई घाव हो चुके थे, तब भी उन्होंने हार नहीं मानी. पिछले 17 वर्षों से विमान उड़ाने और 11 साल से कैप्टन के रूप में कार्यरत स्मित ने बताया कि आंखें बंद होने के बावजूद उन्हें पूरी तरह अहसास था कि एयरक्राफ्ट की स्थिति क्या है. उस खौफनाक और संकट के दौर में जब उन्हें शारीरिक रूप से भयंकर पीड़ा हो रही थी, वे लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे. उन्होंने विश्वास जताया कि संकट की उस घड़ी में भगवान की कृपा और उनकी आस्था ने ही उन्हें और अन्य यात्रियों को जीवनदान दिया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी साझा किया कि वे रोज सुबह अपने दो साल के बेटे को गोद में बैठाकर हनुमान चालीसा सुनाते हैं, ताकि वे विदेश या देश से दूर रहने के बावजूद अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहें.

'हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने फ्रैक्शन ऑफ सेकंड में जिस गजब की सूझबूझ और निर्णय क्षमता का परिचय दिया, उससे कई लोगों की बहुमूल्य जान बची. पीएम मोदी ने गर्व के साथ देश की संस्कृति को रेखांकित करते हुए कहा कि आज पूरा देश यह गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी किसी की जान लेने वाले लोग नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने वाले लोग हैं. प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि कैप्टन स्मित ने अपने शरीर पर इतने बड़े-बड़े घाव झेले, खुद जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी परवाह न करते हुए सभी यात्रियों के जीवन की रक्षा की और 140 करोड़ देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.

सऊदी और यूएई सरकार का आभार तथा गांधी जयंती का विशेष संदर्भ

इस पूरी बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने घायलों के इलाज को लेकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकारों का भी हृदय से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कैप्टन और अन्य यात्रियों को बेहतरीन मेडिकल अटेंशन और देखभाल मुहैया कराई. इसके अलावा, बातचीत के दौरान गांधी जयंती का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अहिंसा और सेवा का वास्तविक अर्थ क्या होता है, इसे कैप्टन स्मित और उनके साथियों ने अपने जीवन और कर्मों से जी कर दिखाया है. अंत में, पीएम मोदी ने कैप्टन को आश्वस्त किया कि पूरा देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है और उन्होंने जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं.

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