आगर मालवा: गणतंत्र दिवस पर शहीद की पत्नी का सम्मान करना भूले मंत्री जी, लोगों के टोकने पर लौटे वापस, वीडियो वायरल

MP Viral Video: आगर मालवा में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बड़ी चूक सामने आई, जब प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान शहीद बद्रीलाल यादव की पत्नी का सम्मान करना भूल गए. लोगों के टोकने पर मंत्री वापस लौटे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. जानिए पूरा मामला और प्रशासनिक लापरवाही की वजह.

Agar Malwa viral video
वायरल वीडियो(फोटो- स्क्रीनग्रैब)

प्रमोद कारपेंटर

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मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान एक बड़ी प्रशासनिक चूक और संवेदनहीनता की तस्वीर सामने आई है. जिला स्तरीय मुख्य समारोह में प्रदेश के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान शहीदों के परिजनों का सम्मान कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान वे एक शहीद की पत्नी का सम्मान करना ही भूल गए और आगे बढ़ गए. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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क्या है पूरा मामला?

आगर मालवा में 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित मुख्य समारोह में प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली. इसके बाद शहीदों के परिजनों और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान का कार्यक्रम शुरू हुआ. मंत्री जी एक-एक कर सभी का सम्मान कर रहे थे. इसी दौरान शहीद बद्रीलाल यादव की पत्नी, निशा यादव अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए निर्धारित स्थान पर सम्मान के इंतजार में खड़ी थीं.

नजरअंदाज कर आगे बढ़े मंत्री, लोगों ने टोका

वीडियो में साफ दिख रहा है कि मंत्री नागर सिंह चौहान अन्य परिजनों का सम्मान करने के बाद शहीद की पत्नी निशा यादव को नजरअंदाज करते हुए सीधे आगे बढ़ गए और अन्य लोगों (लोकतंत्र सेनानियों) का सम्मान करने लगे. मंत्री जी को आगे बढ़ता देख वहां मौजूद नागरिक और ग्रामीण हैरान रह गए. जब लोगों ने इस बड़ी चूक की ओर अधिकारियों और मंत्री का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें टोका, तब जाकर मंत्री जी को अपनी गलती का एहसास हुआ.

वापस आकर किया शहीद की पत्नी का सम्मान

नागरिकों के टोकने के बाद प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान वापस लौटे और शहीद बद्रीलाल यादव की पत्नी निशा यादव का सम्मान किया. हालांकि, तब तक यह घटना कैमरों में कैद हो चुकी थी. बताया जा रहा है कि अधिकारियों की लापरवाही और तालमेल की कमी के कारण यह स्थिति पैदा हुई, जिससे एक शहीद के परिवार को सार्वजनिक मंच पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ा.

अधिकारियों पर उठ रहे सवाल

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग स्थानीय प्रशासन और प्रोटोकॉल अधिकारियों की जमकर आलोचना कर रहे हैं. सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इतने महत्वपूर्ण समारोह में, जहां शहीदों का सम्मान होना है, वहां इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई? क्या अधिकारियों ने सूची और क्रम को लेकर मंत्री जी को सही जानकारी नहीं दी थी? फिलहाल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है.

यहां देखें वीडियो

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