मध्य प्रदेश के बड़वानी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आदिवासी युवती को कुछ दबंग दिनदहाड़े उसके घर में घुसकर जबरन उठा ले गए. इस पूरी घटना का एक खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई युवक मिलकर एक युवती को बेरहमी से घसीटते हुए सड़क तक लाते हैं. इस दौरान युवती लगातार चीखती-चिल्लाती है और खुद को बचाने के लिए कड़ा विरोध करती है, लेकिन मौके पर मौजूद लोग मूकदर्शक बने तमाशबीन बनकर सब देखते रहते हैं. आरोपी युवती को जबरन एक बाइक पर बैठाते हैं और अपने साथ लेकर रफूचक्कर हो जाते हैं. वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस प्रशासन और इलाके में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई.
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रिश्तेदार के घर आई थी युवती, 20-30 लड़कों ने बोला धावा
युवती के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के मुताबिक, पीड़ित आदिवासी युवती अपने एक रिश्तेदार (मौसा) के घर मेहमान बनकर आई हुई थी. रविवार के दिन दोपहर करीब 1:00 बजे जब वह घर पर काम कर रही थी, तभी मुख्य आरोपी हुकुम रावत अपने साथ 20 से 30 लड़कों को लेकर वहां धमक पड़ा. परिजनों का कहना है कि आरोपी के साथ आए सभी लड़के शराब के नशे में धुत थे. उन्होंने घर में घुसकर युवती को जबरदस्ती पकड़ा और घसीटते हुए बाहर ले आए. इस दौरान जब लड़की के मौसा ने बीच-बचाव करने और उसे बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और उन्हें धक्का देकर मौके से हटा दिया. इसके बाद आरोपी लड़की को जबरन बाइक पर बैठाकर फरार हो गए.
प्रेम प्रसंग और शादी के बाद खुला पहली पत्नी का राज
पुलिस की शुरुआती जांच और परिजनों के बयान से यह बात सामने आई है कि युवती और मुख्य आरोपी हुकुम रावत के बीच पहले से प्रेम संबंध थे. करीब एक महीने पहले दोनों अपने घरों से भाग गए थे और उन्होंने आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार आपस में विवाह कर लिया था. शादी के बाद जब युवती ससुराल पहुंची, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. वहां जाकर उसे पता चला कि हुकुम ने उससे झूठ बोला था और वह पहले से ही शादीशुदा है. इतना ही नहीं, हुकुम की पहली पत्नी भी उसी घर में रह रही थी और उसके दो बच्चे भी थे. पति के पहले से शादीशुदा होने और धोखे की बात पता चलने के बाद युवती ने उसके साथ रहने से साफ इनकार कर दिया और वापस अपने मायके लौट आई.
झागड़ा प्रथा के तहत लेनदेन और पंचायत का फरमान
युवती के मायके लौटने के बाद दोनों परिवारों के बीच भारी विवाद शुरू हो गया, जिसे सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई. आदिवासी परंपरा के तहत पहले 'देजा' (झागड़ा प्रथा) के रूप में लड़की पक्ष को 60,000 रुपए दिए गए थे. बाद में जब हुकुम की पहली शादी की बात सामने आई, तो पंचायत में हुए समझौते के दौरान लड़की पक्ष को 3 लाख रुपए और दिए गए. इसके बावजूद युवती ने साफ कह दिया कि उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है और वह हुकुम के साथ किसी भी कीमत पर नहीं रहना चाहती. इसके बाद आरोपी हुकुम और उसके परिवार ने लड़की पक्ष के सामने दो शर्तें रख दीं, या तो पंचायत में दी गई पूरी रकम तुरंत वापस की जाए या फिर युवती को दोबारा उसके ससुराल भेजा जाए. युवती के इनकार करने के बाद ही इस किडनैपिंग की वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने आरोपी को दबोचा, महाराष्ट्र सीमा से लड़की बरामद
घटना का वीडियो वायरल होने और परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित रूप से नाकेबंदी कर मामले में सख्त एक्शन लिया. पुलिस की टीमों ने लगातार पीछा करते हुए युवती को महाराष्ट्र की सीमा से लगे निहाली क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी हुकुम रावत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है. वहीं वारदात में शामिल उसके अन्य फरार दोस्तों और साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. पुलिस का कहना है कि मामले के सभी कानूनी और पारंपरिक पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
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